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Defamation Notice : महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी को 10 करोड़ का मानहानि नोटिस

Defamation Notice

Defamation Notice : भोपाल।   मध्यप्रदेश  रतलाम जिले की आलोट विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय ने मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया को 10 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है। यह नोटिस विधायक की ओर से उनके अधिवक्ता शेखर श्रीवास्तव के माध्यम से जारी किया गया है।

विवाद उस समय बढ़ गया जब रीना बोरासी ने मीडिया के सामने विधायक पर यौन शोषण, महिलाओं पर अत्याचार और अवैध कब्जे जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। विधायक ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, राजनीतिक प्रेरित और उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया है।

राज्यपाल से शिकायत के बाद गरमाया मामला

कुछ दिन पहले रीना बोरासी ने भोपाल स्थित लोकभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया था कि एक महिला ने उन्हें एफिडेविट और अन्य दस्तावेजों के साथ शिकायत दी है।

रीना बोरासी ने कहा था कि मध्यप्रदेश का एक विधायक और पूर्व सांसद महिलाओं पर अत्याचार कर रहा है, उनका यौन शोषण कर रहा है और उनके घर तथा पैतृक जमीन पर कब्जा किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि महिला के घर पर कथित तौर पर गुंडे भेजकर तोड़फोड़ की गई और 70 वर्षीय महिला के साथ मारपीट की गई। उन्होंने राज्यपाल और सरकार से संबंधित विधायक की सदस्यता रद्द करने की मांग भी की थी।

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विधायक बोले- राजनीतिक द्वेष में लगाए गए आरोप

मानहानि नोटिस में विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय की ओर से कहा गया है कि वे एक शिक्षित और सम्मानित जनप्रतिनिधि हैं तथा समाज में उनकी छवि साफ-सुथरी रही है।

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि रीना बोरासी ने बिना किसी ठोस प्रमाण के केवल चुनावी रंजिश और राजनीतिक द्वेष के चलते यह बयान दिए। विधायक का कहना है कि मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित इंटरव्यू उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया सुनियोजित प्रयास है।

विधायक की ओर से उस स्थानीय चैनल को भी कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसने कथित इंटरव्यू प्रसारित किया था। नोटिस में कहा गया है कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए गंभीर आरोपों का प्रसारण किया गया, जिससे विधायक की सामाजिक और राजनीतिक छवि प्रभावित हुई।

7 दिन में मांगे दस्तावेज और सबूत

एडवोकेट शेखर श्रीवास्तव द्वारा भेजे गए नोटिस में रीना बोरासी को 7 दिनों के भीतर उन सभी दस्तावेजों और प्रमाणों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिनके आधार पर उन्होंने सार्वजनिक आरोप लगाए थे।

नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में सबूत प्रस्तुत नहीं किए गए, तो रीना बोरासी के खिलाफ 10 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति का दीवानी दावा और आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल रीना बोरासी की ओर से मानहानि नोटिस पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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