Jabalpur Cruise Tragedy : जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम हुए क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। 30 अप्रैल की शाम करीब साढ़े पांच बजे खमरिया टापू के पास पर्यटन विभाग का एक क्रूज तेज आंधी और खराब मौसम की चपेट में आकर पलट गया और डैम में डूब गया।
इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। प्रशासन के मुताबिक कई लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
300 मीटर दूर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार क्रूज किनारे से करीब 300 मीटर दूर था, तभी अचानक मौसम खराब हुआ और तेज हवाओं के कारण संतुलन बिगड़ गया। शुरुआती रेस्क्यू में SDRF टीम ने कई लोगों को बाहर निकाला, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम के चलते बचाव कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह से सेना, SDRF और NDRF की टीमें मिलकर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
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तेज हवा और ऊंची लहरें बनी वजह
हादसे के समय लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही थीं, जिससे डैम में ऊंची लहरें उठने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्रूज कुछ समय से अस्थिर था, लेकिन उसे किनारे नहीं लाया गया।
यात्रियों की संख्या और सुरक्षा पर सवाल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार क्रूज में 43 से 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 यात्रियों की कटी थी। इससे क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की आशंका जताई जा रही है।
कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर लाइफ जैकेट नहीं दी गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि क्रूज में लाइफ जैकेट मौजूद थीं, लेकिन तेज तूफान के कारण उन्हें पहनने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।
पुराना क्रूज, लापरवाही की आशंका
बताया जा रहा है कि हादसे में शामिल क्रूज करीब 20 साल पुराना था। ऐसे में इसके रखरखाव और तकनीकी स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
परिवारों में शोक का माहौल
इस हादसे में कई परिवार प्रभावित हुए हैं। कुछ परिवारों के कई सदस्य एक साथ क्रूज में सवार थे, जिनमें से कई अब भी लापता हैं। लापता लोगों के परिजन घटनास्थल पर मौजूद हैं और लगातार राहत कार्य पर नजर बनाए हुए हैं।
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राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सेना, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर तैनात हैं। गोताखोरों की मदद से डूबे क्रूज और उसमें फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
सरकार ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है।
पर्यटन मंत्री का बयान
प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। इस बयान के बाद प्रशासनिक स्तर पर समन्वय और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि क्या क्रूज में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे, क्या मौसम की चेतावनी के बावजूद इसे रवाना किया गया और क्या सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।
यह हादसा पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है।