Bhopal drug smuggler news : तस्कर यासीन मछली को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, हाईकोर्ट का फैसला पलटा

Bhopal drug smuggler news : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़े चर्चित मामले में कुख्यात ड्रग तस्कर यासीन मछली को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने विधानसभा में फर्जी प्रवेश पास से जुड़े मामले में उसे जमानत दे दी है। 16 आपराधिक मामले दर्ज यासीन मछली के खिलाफ कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें NDPS एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के केस शामिल हैं। हालांकि, इन मामलों में उसे पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। हाईकोर्ट ने पहले खारिज की थी जमानत इससे पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए इस मामले में जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी माना कि: कई गवाह अपने बयान से पलट चुके हैं प्रॉसिक्यूशन की कहानी में विरोधाभास हैं जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठते हैं Gwalior High Court verdict : ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अल्पसंख्यक संस्थान खुद चुनेंगे प्राचार्य, सीनियरिटी नियम बाध्यकारी नहीं राज्य सरकार की आपत्ति खारिज राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई थी कि आरोपी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और बाहर आने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं छीनी जा सकती। इस मामले में यासीन मछली की ओर से वकील कुणाल रैकवार ने सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की।
Gwalior High Court verdict : ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अल्पसंख्यक संस्थान खुद चुनेंगे प्राचार्य, सीनियरिटी नियम बाध्यकारी नहीं

Gwalior High Court verdict : ग्वालियर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर स्थित युगल पीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को अपने प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य के चयन का पूर्ण अधिकार है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इन संस्थानों पर वरिष्ठता (सीनियरिटी) आधारित नियम थोप नहीं सकती। प्राचार्य चयन में संस्थान की स्वतंत्रता जरूरी सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में प्राचार्य की भूमिका बेहद अहम होती है। वह अनुशासन, प्रशासन और शिक्षा की गुणवत्ता तय करता है। ऐसे में संस्थान को यह अधिकार होना चाहिए कि वह योग्यता और आवश्यकता के आधार पर नेतृत्व चुने, भले ही चयनित व्यक्ति वरिष्ठतम न हो। Pipariya labour rally : पिपरिया में मजदूर दिवस पर रैली, नेताओं ने कहा….40 करोड़ असंगठित मजदूर आज भी शोषित सरकारी सर्कुलर आंशिक रूप से निरस्त कोर्ट ने 25 अगस्त 2021 और 8 सितंबर 2021 को जारी सरकारी सर्कुलरों को अल्पसंख्यक संस्थानों पर लागू करने के मामले में निरस्त कर दिया। इन सर्कुलरों में वरिष्ठतम शिक्षक को प्रभारी प्राचार्य बनाने का प्रावधान था, जिसे कोर्ट ने असंवैधानिक दखल मानते हुए खारिज कर दिया। चयन के बाद हस्तक्षेप नहीं अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि एक बार प्रबंधन समिति द्वारा किसी योग्य व्यक्ति का चयन कर लिया जाता है, तो उसकी उपयुक्तता में सरकार या न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करेंगे। विदिशा से शुरू हुआ मामला यह पूरा मामला विदिशा स्थित एसएसएल जैन पीजी कॉलेज से जुड़ा है। कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ. शोभा जैन के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रबंधन ने डॉ. एसके उपाध्याय को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया था। लेकिन क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक ने इस फैसले को रद्द करते हुए वरिष्ठता के आधार पर डॉ. अर्चना जैन को नियुक्त करने का आदेश दिया। Sehore water crisis : सीहोर में जल संकट के बीच टंकी ओवरफ्लो, हजारों लीटर पानी बहा; नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप सिंगल बेंच का फैसला पलटा प्रबंधन ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। शुरुआत में सिंगल बेंच ने सरकार के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन अब युगल पीठ ने उस आदेश को पलटते हुए प्रबंधन के अधिकार को सही ठहराया है। यह फैसला अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता को मजबूत करता है और भविष्य में ऐसे मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
Pipariya labour rally : पिपरिया में मजदूर दिवस पर रैली, नेताओं ने कहा….40 करोड़ असंगठित मजदूर आज भी शोषित

Pipariya labour rally : पिपरिया। मध्य प्रदेश के पिपरिया में 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर कृषि उपज मंडी परिसर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान मजदूर संघ द्वारा रैली निकाली गई, जिसमें श्रमिकों ने लाल झंडे लेकर भाग लिया। रैली में मजदूरों ने “मजदूर एकता जिंदाबाद”, “मई दिवस के शहीदों को लाल सलाम” और “आवाज दो—हम एक हैं” जैसे नारे लगाए। सभा में बुजुर्ग श्रमिकों का सम्मान रैली के बाद मंडी मजदूर संघ कार्यालय के सामने शेड नंबर 11 में सभा आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता संघ अध्यक्ष महेश मौर्य ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में हम्माली करने वाले वरिष्ठ श्रमिकों को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्हें माला पहनाकर सम्मान दिया गया। Raisen fire news : रायसेन में नरवाई की आग से किसान को 2 लाख का नुकसान, प्रतिबंध के बावजूद नहीं थम रही घटनाएं 40 करोड़ असंगठित मजदूरों की स्थिति पर चिंता सभा को संबोधित करते हुए मजदूर नेताओं ने कहा कि देश में करीब 40 करोड़ असंगठित मजदूर आज भी शोषण का सामना कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि मजदूर आज भी बेहतर मजदूरी, काम के घंटे और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मजदूर आंदोलन के इतिहास को किया याद कार्यक्रम के दौरान मजदूर दिवस के इतिहास पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि करीब 135 वर्ष पहले मजदूरों ने काम के घंटे और न्यूनतम वेतन को लेकर आंदोलन किया था, जिसमें कई मजदूरों ने अपनी जान दी थी। नेताओं ने दिवंगत मजदूर नेताओं को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। सभा के अंत में मजदूरों ने अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन राकेश केवट ने किया। MP Congress protest : 7 मई को आगरा-मुंबई हाईवे जाम करेगी कांग्रेस, किसानों के मुद्दों पर प्रदेशभर में आंदोलन का ऐलान
Raisen fire news : रायसेन में नरवाई की आग से किसान को 2 लाख का नुकसान, प्रतिबंध के बावजूद नहीं थम रही घटनाएं

Raisen fire news : रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची विकासखंड के ग्राम बनखेड़ी में नरवाई की आग ने एक किसान को भारी नुकसान पहुंचाया है। गुरुवार रात लगी आग ने तेजी से फैलकर खेत में रखी कृषि सामग्री को अपनी चपेट में ले लिया। 200 पाइप समेत कृषि सामग्री जलकर खाक अंबाड़ी निवासी किसान अजीज मंसूरी की बनखेड़ी स्थित कृषि भूमि पर रखे करीब 200 सिंचाई पाइप, स्टार डोरी और अन्य कृषि उपकरण आग में पूरी तरह जल गए। इस घटना में करीब 2 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। आग ने खेत के मकान तक पकड़ी रफ्तार नरवाई में लगी आग ने धीरे-धीरे विकराल रूप ले लिया और खेत में बने मकान तक पहुंच गई। मकान के पास रखा पूरा कृषि सामान जलकर नष्ट हो गया। इसके अलावा खेत में लगे दो आम के पेड़ भी झुलस गए। MP Congress protest : 7 मई को आगरा-मुंबई हाईवे जाम करेगी कांग्रेस, किसानों के मुद्दों पर प्रदेशभर में आंदोलन का ऐलान आसपास के किसानों को भी नुकसान इस आग की चपेट में आसपास के कुछ अन्य किसानों की कृषि सामग्री और पाइप भी आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं, जिससे नुकसान का दायरा और बढ़ गया है। प्रतिबंध के बावजूद जारी है नरवाई जलाना जिला प्रशासन द्वारा नरवाई जलाने पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए गए हैं, इसके बावजूद खेतों में आग लगाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल आदेश तो जारी होते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सख्ती नहीं होने से ऐसी घटनाएं रुक नहीं पा रही हैं। पीड़ित किसान अजीज मंसूरी ने प्रशासन से आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उनका कहना है कि इस नुकसान से उबरना उनके लिए बेहद मुश्किल है।
Dhar road accident : 16 की मौत, 25 से ज्यादा घायल; ओवरलोडिंग और लापरवाही पर उठे सवाल

Dhar road accident : धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। हाईवे पर हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। ओवरलोड पिकअप बनी हादसे की वजह जानकारी के अनुसार, एक पिकअप वाहन में बड़ी संख्या में मजदूर सवार थे, जो अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। वाहन क्षमता से अधिक भरा हुआ था। इसी दौरान चलते वाहन का टायर अचानक फट गया, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार में पिकअप डिवाइडर से टकराई, कई बार पलटी और फिर दूसरी दिशा में जाकर एक अन्य वाहन से भिड़ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई।
Sehore water crisis : सीहोर में जल संकट के बीच टंकी ओवरफ्लो, हजारों लीटर पानी बहा; नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप

Sehore water crisis : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर शहर में जल संकट के बीच नगर पालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार को मुरली क्षेत्र स्थित पानी की टंकी ओवरफ्लो हो गई, जिससे हजारों लीटर पेयजल सड़कों पर बह गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब शहर के कई इलाकों में लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। लोगों में नाराजगी, जिम्मेदारी पर उठे सवाल स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर कड़ा आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि टंकी का बार-बार ओवरफ्लो होना संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। भीषण गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच पानी की इस तरह बर्बादी को लोगों ने गंभीर मुद्दा बताया है। Jabalpur Cruise Tragedy : बरगी डैम क्रूज हादसा, 9 की मौत, कई लापता, राहत-बचाव जारी; सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल सीवन नदी सूखी, संकट और गहराया शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली सीवन नदी पूरी तरह सूख चुकी है। इसके चलते जल संकट और बढ़ गया है। मई की शुरुआत के साथ ही हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। कई इलाकों में लोगों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। भूजल स्तर गिरा, हैंडपंप भी जवाब दे रहे जिले में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। कई स्थानों पर पानी 10 से 20 मीटर से भी नीचे चला गया है। कई हैंडपंप सूख चुके हैं कुछ तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े हैं शिकायतों के बावजूद सुधार कार्यों में देरी ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन स्थिति सुधारने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। पचामा, रोला और आलमपुरा जैसे गांवों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां की महिलाएं करीब 4 किलोमीटर दूर से गंदा पानी लाने को मजबूर हैं, जिसे छानकर उपयोग किया जा रहा है। हाल ही में कलेक्ट्रेट में महिलाओं के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। Vidisha Fire News : विदिशा के अरवरिया गांव में भीषण आग, तीन हार्वेस्टर और अनाज जलकर राख
Betul underbridge open : बैतूल में गंज अंडरब्रिज खुला, 1 मई से सभी वाहनों की आवाजाही शुरू

Betul underbridge open : मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के बैतूल शहर में गंज रेलवे अंडरब्रिज को निर्धारित समय से पहले आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। 1 मई 2026 की सुबह 8 बजे से इस अंडरब्रिज पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। थर्ड लाइन निर्माण कार्य के चलते इस अंडरब्रिज को 3 अप्रैल 2026 से बंद किया गया था। प्रारंभिक योजना के अनुसार इसे करीब 45 दिनों तक बंद रखा जाना था, लेकिन काम समय से पहले पूरा कर लिया गया। पहले आंशिक, अब पूरी तरह चालू निर्माण कार्य के बाद 21 अप्रैल से अंडरब्रिज को दोपहिया और हल्के वाहनों के लिए आंशिक रूप से खोला गया था। अब सभी कार्य पूरे होने के बाद इसे भारी वाहनों सहित सभी के लिए खोल दिया गया है। CM Kanyadan Yojana : बैतूल में शादी समारोह में हादसा, डीजे वाहन भीड़ में घुसा अंडरब्रिज बंद रहने के दौरान रामनगर, गर्ग कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा था। इससे यातायात का दबाव बढ़ गया था और आवागमन में अधिक समय लग रहा था। अब अंडरब्रिज खुलने से इन इलाकों में ट्रैफिक सामान्य होने की उम्मीद है और लोगों को राहत मिलेगी। थर्ड लाइन प्रोजेक्ट के तहत हुआ काम रेलवे द्वारा इस अंडरब्रिज में थर्ड लाइन के तहत विस्तार और संरचनात्मक सुधार किए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद अब यातायात पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित होने की संभावना है।
MP Congress protest : 7 मई को आगरा-मुंबई हाईवे जाम करेगी कांग्रेस, किसानों के मुद्दों पर प्रदेशभर में आंदोलन का ऐलान

MP Congress protest : मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं और गेहूं खरीदी में कथित लापरवाही को लेकर कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन घोषित किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ऐलान किया है कि 7 मई को बड़वानी से मुरैना तक आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (पुराना NH-3) पर चक्काजाम किया जाएगा। किन जिलों में होगा असर यह हाईवे प्रदेश के कई प्रमुख जिलों से होकर गुजरता है, जिनमें मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, देवास, इंदौर और बड़वानी शामिल हैं। कांग्रेस ने इन्हीं जिलों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी की है। खरीदी व्यवस्था पर गंभीर आरोप पटवारी ने आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी में प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। स्लॉट बुकिंग में भेदभाव खरीदी तारीखों में बार-बार बदलाव करीब 50% किसानों को कम दाम पर फसल बेचने की मजबूरी उनके मुताबिक कई किसानों को अपना गेहूं करीब ₹2000 प्रति क्विंटल के भाव पर निजी मंडियों में बेचना पड़ा। Vidisha Fire News : विदिशा के अरवरिया गांव में भीषण आग, तीन हार्वेस्टर और अनाज जलकर राख ‘मोदी गारंटी’ पर सवाल पटवारी ने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए। उन्होंने मोहन यादव से मांग की है कि जिन किसानों को कम दाम मिला है, उन्हें भावांतर योजना के तहत अंतर की राशि दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में किसानों को ज्यादा समर्थन मूल्य मिल रहा है, जबकि मध्य प्रदेश में कम भुगतान किया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन और प्रशासन पर निशाना कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सीएम हेल्पलाइन किसानों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है। खरीदी केंद्रों पर अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आंदोलन को बताया मजबूरी पटवारी ने कहा कि भीषण गर्मी (करीब 45 डिग्री तापमान) में सड़कों पर उतरना कोई शौक नहीं, बल्कि किसानों की मजबूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा। Bhopal suicide case : पाल में कर्ज से परेशान युवक ने फांसी लगाई, वसूली के दबाव के आरोप
Vidisha accident news : विदिशा में 15 वर्षीय किशोर की कुएं में गिरने से मौत, गांव में मातम

Vidisha accident news : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्रामीण इलाके में एक 15 वर्षीय किशोर की कुएं में गिरने से मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना करारिया थाना क्षेत्र के ग्राम अजीत पिपरिया में हुई। मृतक की पहचान गोलू आदिवासी के रूप में हुई है। पानी निकालते समय टूटी रस्सी प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोलू घर से बकरी चराने निकला था। इसी दौरान वह गांव के एक कुएं पर पानी पीने पहुंचा। पानी निकालते समय अचानक रस्सी टूट गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे कुएं में गिर गया। देर से मिली जानकारी, नहीं बच सकी जान जब गोलू काफी देर तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान वह कुएं में गिरा हुआ मिला। घटना की जानकारी देर से मिलने के कारण उसे समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका। Vidisha Fire News : विदिशा के अरवरिया गांव में भीषण आग, तीन हार्वेस्टर और अनाज जलकर राख मौके पर पहुंची डायल 112 टीम सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से किशोर को कुएं से बाहर निकाला गया। उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। किशोर के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में कराया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
Bhopal suicide case : पाल में कर्ज से परेशान युवक ने फांसी लगाई, वसूली के दबाव के आरोप

Bhopal suicide case : भोपाल। भोपाल के कोलार इलाके में कर्ज के दबाव से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना बुधवार रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि मृतक की पहचान 45 वर्षीय उत्तम सिंह चौहान के रूप में हुई है। वे मूल रूप से नरसिंहगढ़ के रहने वाले थे और पिछले 10 महीनों से भोपाल के कोलार इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे। परिवार का गुजारा चलाने के लिए वे रैपिडो चालक के रूप में काम कर रहे थे। कर्ज और आर्थिक तंगी बनी वजह परिजनों के अनुसार, उत्तम सिंह ने एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से करीब 15 लाख रुपये का लोन लेकर अपने गांव में मकान बनवाया था। इसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। समय पर ईएमआई न भर पाने के कारण किस्तें लगातार बाउंस हो रही थीं, जिससे वे तनाव में रहने लगे थे। Vidisha Fire News : विदिशा के अरवरिया गांव में भीषण आग, तीन हार्वेस्टर और अनाज जलकर राख वसूली के दबाव के आरोप मृतक की पत्नी निर्मला चौहान ने आरोप लगाया है कि फाइनेंस कंपनी और अन्य लेनदार लगातार कर्ज चुकाने के लिए दबाव बना रहे थे। बार-बार कॉल और दबाव के कारण मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा था। घटना के समय घर पर नहीं था कोई घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। दोनों बेटे काम पर गए हुए थे और पत्नी डॉक्टर के पास गई थीं। घर लौटने पर दरवाजा नहीं खुला, जिसके बाद पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर युवक फंदे पर लटका मिला। पुलिस के अनुसार मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की जांच जारी है। बढ़ते कर्ज और मानसिक दबाव पर सवाल यह घटना कर्ज और आर्थिक दबाव से जूझ रहे लोगों की गंभीर स्थिति को उजागर करती है। साथ ही वसूली के तरीकों और मानसिक दबाव को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
Jabalpur Cruise Tragedy : बरगी डैम क्रूज हादसा, 9 की मौत, कई लापता, राहत-बचाव जारी; सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Jabalpur Cruise Tragedy : जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम हुए क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। 30 अप्रैल की शाम करीब साढ़े पांच बजे खमरिया टापू के पास पर्यटन विभाग का एक क्रूज तेज आंधी और खराब मौसम की चपेट में आकर पलट गया और डैम में डूब गया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। प्रशासन के मुताबिक कई लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। 300 मीटर दूर हुआ हादसा जानकारी के अनुसार क्रूज किनारे से करीब 300 मीटर दूर था, तभी अचानक मौसम खराब हुआ और तेज हवाओं के कारण संतुलन बिगड़ गया। शुरुआती रेस्क्यू में SDRF टीम ने कई लोगों को बाहर निकाला, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम के चलते बचाव कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह से सेना, SDRF और NDRF की टीमें मिलकर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। Vidisha Fire News : विदिशा के अरवरिया गांव में भीषण आग, तीन हार्वेस्टर और अनाज जलकर राख तेज हवा और ऊंची लहरें बनी वजह हादसे के समय लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही थीं, जिससे डैम में ऊंची लहरें उठने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्रूज कुछ समय से अस्थिर था, लेकिन उसे किनारे नहीं लाया गया। यात्रियों की संख्या और सुरक्षा पर सवाल प्रारंभिक जानकारी के अनुसार क्रूज में 43 से 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 यात्रियों की कटी थी। इससे क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की आशंका जताई जा रही है। कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर लाइफ जैकेट नहीं दी गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि क्रूज में लाइफ जैकेट मौजूद थीं, लेकिन तेज तूफान के कारण उन्हें पहनने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। पुराना क्रूज, लापरवाही की आशंका बताया जा रहा है कि हादसे में शामिल क्रूज करीब 20 साल पुराना था। ऐसे में इसके रखरखाव और तकनीकी स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिवारों में शोक का माहौल इस हादसे में कई परिवार प्रभावित हुए हैं। कुछ परिवारों के कई सदस्य एक साथ क्रूज में सवार थे, जिनमें से कई अब भी लापता हैं। लापता लोगों के परिजन घटनास्थल पर मौजूद हैं और लगातार राहत कार्य पर नजर बनाए हुए हैं। Water Project MP : बैतूल में जल परियोजना में देरी पर कलेक्टर सख्त, दो शिफ्ट में काम के निर्देश राहत और बचाव कार्य जारी हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सेना, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर तैनात हैं। गोताखोरों की मदद से डूबे क्रूज और उसमें फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। सरकार ने की आर्थिक सहायता की घोषणा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। पर्यटन मंत्री का बयान प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। इस बयान के बाद प्रशासनिक स्तर पर समन्वय और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि क्या क्रूज में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे, क्या मौसम की चेतावनी के बावजूद इसे रवाना किया गया और क्या सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। यह हादसा पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है।