MP Rain alert Today: मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून भले ही अभी तक नहीं पहुंचा हो, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां लगातार मौसम का मिजाज बदल रही हैं। शनिवार दोपहर राजधानी भोपाल में अचानक बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई। इसके साथ ही प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश दर्ज हुई है, धार में भी तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत तो मिली ही, साथ ही इलाकों में मौसम भी सुहावना हो गया।
अब मौसम विभाग ने विदिशा, राजगढ़, गुना और रायसेन जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश का भी अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। इसके अलावा सीहोर, देवास, इंदौर, शाजापुर, अशोकनगर, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल समेत कई जिलों में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
29 जिलों में दिखा मौसम का असर
आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के में प्रदेश के 29 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई है। ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, झाबुआ, रतलाम, नीमच, आगर, राजगढ़, विदिशा, सागर और दमोह समेत कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिला है।
इसके साथ ही बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा। शिवपुरी में सबसे तेज 46 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली। भोपाल, ग्वालियर और अशोकनगर में 43 किलोमीटर प्रतिघंटा, रीवा और खजुराहो में 41 किलोमीटर प्रतिघंटा, जबकि धार, आगर-मालवा और गुना में 39 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार दर्ज की गई।
मानसून की दस्तक में अभी और इंतजार
मौसम विभाग का कहना है कि इस बार मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य समय से 8 से 10 दिन की देरी से पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून 15 जून के आसपास प्रदेश में प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार 20 जून तक भी इसकी एंट्री नहीं हो सकी है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार बढ़ती है तो यह 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में पहुंच सकता है।
मानसून की धीमी चाल का असर बारिश के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 44 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में स्थिति और ज्यादा चिंताजनक है, जहां सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
किसानों की बढ़ी चिंता, बुवाई पर असर
बारिश में देरी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ सीजन की फसलें जैसे सोयाबीन, मूंग, उड़द और तुअर की बुवाई प्रभावित हो रही है। कई किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ किसानों ने मानसून आने की उम्मीद में पहले ही बोवनी कर दी थी।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी बुवाई के लिए कम से कम 4 इंच बारिश जरूरी होती है, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी बन सके। बारिश नहीं होने की स्थिति में पहले से बोए गए बीज खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे लागत भी बढ़ेगी।
बारिश से तापमान में आई राहत
पिछले दो दिनों में कई जिलों में हुई बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। सिवनी में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि धार में 34.5 और पचमढ़ी में 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 42.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री, इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री, जबलपुर में 38.8 डिग्री और ग्वालियर में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
फिलहाल लोगों की नजरें मानसून की एंट्री पर टिकी हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार अभी भी बना रहेगा।