Water Crisis India : बैतूल। बैतूल जिला मुख्यालय के पास स्थित ग्राम पंचायत खेड़ीसावलीगढ़ इन दिनों गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है। करीब 8 हजार की आबादी वाले इस गांव में पिछले एक सप्ताह से नल-जल योजना बंद पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और गिरते जलस्तर के कारण गांव के बोरवेल भी जवाब देने लगे हैं।
स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई मोहल्लों में महिलाएं पाइपलाइन के वाल्व से रिस रहे पानी को बोतलों और बर्तनों में भरने को मजबूर हैं। गांव के संपन्न परिवार निजी टैंकरों से पानी खरीद रहे हैं, जबकि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार घंटों पानी की तलाश में भटक रहे हैं।
स्थानीय समाजसेवी मनोहर अग्रवाल ने बताया कि गांव में पहले बावड़ी, कुएं और तालाब जैसे पारंपरिक जल स्रोत मौजूद थे, लेकिन समय के साथ उनका संरक्षण नहीं किया गया। परिणामस्वरूप आज अधिकांश जल स्रोत सूख चुके हैं या जर्जर हालत में हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते इनका संरक्षण किया जाता, तो गांव को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
वहीं ग्राम पंचायत सरपंच शर्मिला ठाकुर ने कहा कि पंचायत इस समस्या को गंभीरता से ले रही है। दो नए बोरवेल खुदवाए जा चुके हैं और जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर भी काम किया जाएगा।
फिलहाल गांव में पानी की किल्लत लगातार बनी हुई है। तेज गर्मी के बीच महिलाएं और बच्चे घंटों पानी के इंतजार में लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खेड़ीसावलीगढ़ में ऐसा जल संकट पहले कभी नहीं देखा गया।