Assam election 2026 : नई दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता बरकरार रखी है। शुरुआती और लगभग अंतिम रुझानों के अनुसार, बीजेपी गठबंधन ने 97 सीटों पर बढ़त बनाते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि कांग्रेस इस बार बेहद कमजोर प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 24 सीटों तक सिमटती नजर आई।
कांग्रेस को बड़ा झटका, गौरव गोगोई भी चुनाव हारे
इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका कांग्रेस को तब लगा जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और प्रमुख चेहरा गौरव गोगोई खुद अपनी सीट नहीं बचा पाए।
गौरव गोगोई को जोरहाट विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने करीब 23 हजार वोटों के अंतर से हराया।
गोगोई को लगभग 46 हजार वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार को 69 हजार से अधिक वोट हासिल हुए।
कांग्रेस ने इस चुनाव में गौरव गोगोई को ही मुख्य चेहरा बनाकर अभियान चलाया था, लेकिन उनकी हार ने पार्टी की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केरल चुनाव रुझान 2026: यूडीएफ को बढ़त, एलडीएफ पिछड़ा, राज्य में बड़े सियासी बदलाव के संकेत
बीजेपी की बड़ी जीत, तीसरी बार सरकार बनाने की तैयारी
हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी एक बार फिर मजबूत जनादेश की ओर बढ़ रही है। पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने मिलकर 97 सीटों पर बढ़त बनाई है, जिससे राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
इस जीत के साथ बीजेपी ने असम में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।
कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर, मुस्लिम उम्मीदवारों पर भरोसा
कांग्रेस इस बार केवल 24 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है, जो 2021 के मुकाबले भी खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। पिछली बार पार्टी ने 29 सीटें जीती थीं।
चुनावी नतीजों में यह भी सामने आया है कि कांग्रेस जिन सीटों पर आगे दिख रही है, उनमें से लगभग 19 उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय से हैं। यह राजनीतिक रणनीति भी पार्टी को व्यापक समर्थन दिलाने में सफल नहीं हो पाई।
तमिलनाडु चुनाव 2026: सिनेमा बनाम राजनीति की सबसे बड़ी जंग, स्टार पावर ने बदले समीकरण
AIUDF से गठबंधन न करना भी पड़ा भारी
इस बार कांग्रेस ने बदरुद्दीन अजमल की पार्टी AIUDF के साथ गठबंधन नहीं किया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला भी कांग्रेस के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।
पार्टी की हार का अंतर केवल सीटों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई वरिष्ठ नेताओं की हार ने संगठनात्मक कमजोरी को भी उजागर किया है।
जोरहाट की सियासत में बड़ा बदलाव
गौरव गोगोई की हार के साथ ही जोरहाट क्षेत्र में बीजेपी का दबदबा और मजबूत हो गया है। लोकसभा चुनाव 2024 में इस क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत थी, लेकिन विधानसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
जोरहाट लोकसभा क्षेत्र की 10 में से 9 विधानसभा सीटों पर बीजेपी गठबंधन आगे दिख रहा है, जबकि केवल एक सीट पर विपक्षी उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।
गौरव गोगोई को हराने वाले बीजेपी उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी असम की राजनीति का अनुभवी चेहरा हैं।
- वे पहले भी तीन बार जोरहाट से विधायक रह चुके हैं
- 2017 से 2021 तक असम विधानसभा के स्पीकर रहे
- 2014 में बीजेपी में शामिल हुए
- इससे पहले असम गण परिषद से जुड़े रहे
इस जीत के साथ वे अब 6 बार विधायक बन चुके हैं।