हाइलाइट्स
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राजगढ़ में चंद्रग्रहण के कारण सार्वजनिक होली नहीं खेली गई।
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समाज ने शोकग्रस्त परिवारों के घर जाकर संवेदनाओं की होली मनाई।
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मालाकार, स्वर्णकार और साहू समाज ने घर-घर जाकर रंग अर्पित किया।
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यह परंपरा शोक के बाद परिवारों को शुभ कार्यों में वापस जोड़ने का संदेश देती है।
Holi 2026 MP : राजगढ़। राजगढ़ जिले में मंगलवार को चंद्रग्रहण के चलते धुलंडी का सार्वजनिक उत्सव नहीं मनाया गया, लेकिन जिले में ‘संवेदनाओं की होली’ ने सामाजिक एकजुटता की अनूठी मिसाल पेश की।
इस दौरान समाज के लोग उन परिवारों के घर पहुंचे, जिनके किसी सदस्य का बीते साल निधन हुआ था, और शोकग्रस्त परिवारों को सांत्वना और रंग अर्पित किया।
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समाज ने शोकग्रस्त परिवारों के घर जाकर निभाई परंपरा
राजगढ़ और खिलचीपुर सहित जिलेभर के विभिन्न समाजों के पुरुष और महिलाएं एकत्रित हुए। समाज के अध्यक्ष और पंचों के नेतृत्व में हाथों में गुलाल लेकर शोकग्रस्त परिवारों के घर पहुंचे।
मालाकार समाज ने 13, स्वर्णकार समाज ने 4 और साहू समाज ने 2 परिवारों के घर जाकर इस परंपरा को निभाया। महिलाएं भी पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर घर-घर पहुंचीं और अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
दुख के बाद पुनः शुभ कार्यों में शामिल होने का संदेश
स्थानीय परंपरा के अनुसार, किसी परिवार में शोक के बाद आने वाली पहली होली पर समाज स्वयं उनके घर जाकर रंग अर्पित करता है। यह केवल रस्म नहीं, बल्कि संकेत है कि दुख की घड़ी अब बीत चुकी है और परिवार फिर से खुशी और शुभ कार्यों में भाग ले सकता है।
चूंकि बुधवार को रंग नहीं डाला जाता, इसलिए मंगलवार को यह संवेदनशील परंपरा निभाई गई।