BHOPAL NEWS UPDATE : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने बैठक के बाद पत्रकारों को फैसलों की जानकारी दी।
सरकार ने बताया कि सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित 25 हजार 206 आदिवासी परिवारों को अब उनके पट्टों की निशुल्क रजिस्ट्री की सुविधा दी जाएगी। यह मामला पिछले कई वर्षों से रुक हुआ था।
सरकार उठाएगी 600 करोड़ का वित्तीय भार

कैबिनेट मंत्री का कहना है कि इस फैसले से राज्य सरकार के ऊपर करीब 600 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा, लेकिन सरकार ने बिना किसी भेदभाव के विस्थापित परिवारों को उनका अधिकार दिलाने का निर्णय लिया है।
भावांतर योजना से किसानों को मिली राहत
बैठक में यह जानकारी दी गई कि भावांतर भुगतान योजना के जरिये किसानों को भुगतान अब दो महीने के भीतर किया जा रहा है। अब तक 7 लाख 10 हजार से ज्यादा किसानों को 1500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित किया जा चूका है।
सरकार ने दावा किया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां भावांतर योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया गया है।

महाकाल लोक की तर्ज पर ‘पशुपतिनाथ लोक’ का लोकार्पण
कैबिनेट को यह बताया गया कि महाकाल लोक की तर्ज पर पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार पुष्प महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 40 हजार किसानों ने भाग लिया है।
सिंचाई परियोजनाओं को दी मंजूरी
कैबिनेट ने बाणसागर परियोजना से जुड़ी दो नई सिंचाई योजनाओं को मंजूरी दी
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धनवाही लिफ्ट इरीगेशन योजना
लागत: 53 करोड़ रुपये | सिंचाई क्षेत्र: 3300 हेक्टेयर -
बरही सिंचाई परियोजना (कटनी)
लागत: 566 करोड़ रुपये | सिंचाई क्षेत्र: 20 हजार हेक्टेयर
लाभान्वित किसान: 11 हजार

योजनाओं की अवधि 2026–31 तक बढ़ाई गई
सरकार ने कई प्रमुख योजनाओं की अवधि 2030–31 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है
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संबल योजना
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गौ संवर्धन योजना
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किशोर कल्याण द्वितीय योजना
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घरेलू हिंसा पीड़ित सहायता योजना
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उद्यम एवं सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाएं
इन योजनाओं के विस्तार से सरकार पर कुल 15,009 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
राज्य समाज कल्याण बोर्ड भंग
कैबिनेट ने राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने का फैसला लिया है। बोर्ड के कर्मचारियों का महिला एवं बाल विकास विभाग में संविलियन किया जाएगा।
क्षेत्रीय विकास पर विशेष फोकस
सरकार ने बताया कि मालवा, महाकौशल और ग्वालियर-चंबल क्षेत्रों में विकास कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। सिंचाई, कृषि और सामाजिक कल्याण योजनाओं के जरिए प्रदेश को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।