MP News : मध्य प्रदेश। नर्मदापुरम के बनखेड़ी जनपद की ग्राम पंचायत उमरधा में एक हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक जीवित युवक को मृत बताकर बीमा राशि और ट्रैक्टर लोन से छुटकारा पाने की साजिश रची गई। जांच में युवक के पिता राजेंद्र कुशवाह और चाचा हल्के भैया को मुख्य दोषी पाया गया है। तत्कालीन सचिव ओमप्रकाश पटेल पर भी सत्यापन में लापरवाही का आरोप लगा है।
जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने बताया कि मामला चार महीने पुराना है। राजेंद्र कुशवाह का बेटा नर्मदा कुशवाह ट्रैक्टर ड्राइवर था। दो साल पहले ट्रैक्टर हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और वह बिस्तर पर हो गया। नर्मदा ने एलआईसी पॉलिसी ली थी और श्रीराम फाइनेंस से लोन लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। हादसे के बाद किस्तें नहीं भर पा रहे थे।
तभी किसी एजेंट ने बीमा क्लेम का लालच दिया। पिता और चाचा ने योजना बनाई। 27 मार्च की रात को नर्मदा की सामान्य मौत बताकर साड़िया घाट पर अंतिम संस्कार की झूठी जानकारी दी।

10 अप्रैल को मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया और 12 अप्रैल को प्रमाणपत्र जारी हो गया। इसके बाद बीमा कंपनी और फाइनेंस कंपनी को मौत की सूचना देकर क्लेम की तैयारी की।
गांव वालों को राखी के बाद भुजरिया त्योहार पर शक हुआ। जब घर पहुंचे तो नर्मदा जीवित मिला। पंचायत ने तुरंत बीमा कंपनी को सूचित किया और फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। जनपद सीईओ पूजा कुमारिया ने जांच दल गठित किया, जिसने पिता-चाचा को दोषी ठहराया। सचिव ओमप्रकाश पटेल ने बिना सत्यापन प्रमाणपत्र जारी किया।
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अब ग्राम पंचायत सचिव साहब सिंह पटेल बनखेड़ी थाने में एफआईआर कराने पहुंचे, लेकिन दस्तावेज अधूरे होने से थाना प्रभारी विजय सनस ने पूरे कागज लाने को कहा।
सचिव ने बताया कि दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। एफआईआर में देरी हो रही है। सीईओ हिमांशु जैन ने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। बीमा कंपनी को भी फर्जी क्लेम की जानकारी दे दी गई है।