Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में धर्मांतरण के सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की सतर्क निगाहों के कारण बीते दो-तीन महीनों में आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे अवैध गिरोहों का पर्दाफाश हो चुका है। अब ताजा घटना बिलकिसगंज थाना क्षेत्र के रेहटी इलाके से सामने आई है, जहां गरीब आदिवासी परिवारों को आर्थिक लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने वाला एक गिरोह पकड़ा गया। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, रेहटी थाना क्षेत्र के वीरपुर, भीलपाटी और खजुरी गांवों में रहने वाले कुछ लोग शुरू में प्रेरणा देने वाली प्रार्थना सभाओं का बहाना बनाकर ग्रामीणों को इकट्ठा करते थे लेकिन धीरे-धीरे यह सभाएं दबाव और लालच का रूप लेने लगीं। गिरोह के सदस्य हिंदू आदिवासियों को एक-एक लाख रुपये नकद देने और सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर धर्म बदलने पर मजबूर कर रहे थे।
मुख्य आरोपी रेम सिंह बारेला के घर पर ही ये गुप्त बैठकें होती थीं। वहां ईसा मसीह की तस्वीरें, बाइबल की किताबें और नकली नोटों का लिफाफा दिखाकर लोगों को बहकाया जाता था। ग्रामीणों का कहना है कि ये सभाएं रात के अंधेरे में आयोजित की जाती थीं, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति को शक न हो।
इस अन्याय से तंग आ चुके ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाई और एकजुट होकर आवाज उठाई। लखन बारेला, सीताराम बारेला, रमेश बारेला और रायसिंह बारेला जैसे कई परिवारों ने मिलकर बिलकिसगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में बताया गया कि 9 दिसंबर 2025 की रात को भी ग्रामीणों को जबरन एक सभा में बुलाया गया था। वहां उन्हें घेरकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया। डर के मारे ग्रामीणों ने फौरन इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस को बुला लिया। इससे पहले भी कई बार ऐसे प्रयास हुए थे, लेकिन इस बार सबने ठान लिया था कि अब चुप नहीं रहेंगे।
सूचना पाते ही बिलकिसगंज थाना प्रभारी संदीप मीणा ने तुरंत एक टीम बनाई और मौके पर छापेमारी की। रात के समय गोपनीय तरीके से की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने सभा स्थल पर पहुंचकर सबको हिरासत में ले लिया। छापे में धार्मिक साहित्य, कई बाइबल की प्रतियां और धर्मांतरण से जुड़े रजिस्टर व रिकॉर्ड जब्त किए गए।
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थाना प्रभारी संदीप मीणा ने बताया कि इस मामले में मुकेश बारेला, लखन बारेला, सीताराम बारेला, रेम सिंह बारेला, कुशमा बारेला और बीना बारेला समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 के तहत सख्त मुकदमा दर्ज किया गया है।
मीणा ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। गिरोह की फंडिंग का स्रोत, बाहर से आने वाले पैसे और पूरे नेटवर्क की जांच चल रही है। अगर कोई बड़ा नाम या संगठन सामने आया तो कड़ी कार्रवाई होगी।
वीएचपी और बजरंग दल के जिला संयोजक ने बताया कि जिले में ऐसे गिरोह लगातार चुनौती दे रहे हैं, लेकिन उनकी सतर्कता से अब तक कई परिवार बच चुके हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
पुलिस ने भी आश्वासन दिया है कि आदिवासी बहुल इलाकों में गश्त बढ़ाई जाएगी। यह घटना जिले में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए एक सबक है। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी।