Indore Bhagavad Gita Controversy : इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में भगवद गीता के पन्नों में सामान बांधकर देने का मामला तूल पकड़ गया है। सोमवार 8 सितंबर को हिंदूवादी संगठन के नेता मानसिंह राजावत एक मुस्लिम महिला और उसके बेटे के खिलाफ संयोगितागंज थाने पहुंचे।
उन्होंने आरोप लगाया कि मयूर शॉप चलाने वाली मोहम्मद नसरीन और उनके बेटे मोहम्मद अफसान ने गीता के पन्नों में किराना और पूजन सामग्री बांधकर दी, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
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क्या है पूरा मामला?
संयोगितागंज थाना प्रभारी अरविंद खत्री के अनुसार, मानसिंह राजावत ने शिकायत की कि मयूर शॉप (संयोगितागंज क्षेत्र) में मोहम्मद नसरीन और मोहम्मद अफसान द्वारा भगवद गीता के पन्नों में सामान बांधकर दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी दी, जिसके बाद हिंदूवादी संगठन के नेता थाने पहुंचे। देर शाम तक हिंदूवादी नेता संयोगितागंज थाने में मौजूद रहे, लेकिन मामला सराफा थाने को स्थानांतरित कर दिया गया।
पुलिस की जांच और रद्दी भंडार का कनेक्शन
पुलिस ने मोहम्मद नसरीन और मोहम्मद अफसान से पूछताछ की, जिन्होंने बताया कि उन्होंने मरोठिया बाजार के जैन रद्दी भंडार से रद्दी खरीदी थी। जब पुलिस ने जैन रद्दी भंडार पर जांच की, तो वहां रद्दी में कई धार्मिक पुस्तकें मिलीं।
अब जांच का फोकस रद्दी भंडार के दुकानदार पर शिफ्ट हो गया है। टीआई अरविंद खत्री ने बताया कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जा रही है और हिंदूवादी नेताओं को सराफा थाने में शिकायत दर्ज करने को कहा गया है।
कोई FIR दर्ज नहीं
संयोगितागंज थाने में इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने हिंदूवादी नेताओं को सराफा थाने में मामला दर्ज करने की सलाह दी है। मानसिंह राजावत ने कहा कि भगवद गीता हिंदू धर्म का पवित्र ग्रंथ है और इसके पन्नों का इस तरह इस्तेमाल उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने रद्दी भंडार और दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।