अमेरिकी चुनाव से पहले ईरान के केश्म द्वीप पर धमाका, US पर हमले का आरोप; ईरान ने 2 ड्रोन गिराने का किया दावा
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान के केश्म द्वीप पर कम से कम पांच धमाके किए है। वहीं, ईरान ने दो अमेरिकी निगरानी ड्रोन गिराने की बात कही है। घटनाओं की जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Iran-Qeshm Island Explosions: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान से पहले ईरान के केश्म द्वीप पर कम से कम पांच जोरदार विस्फोट हुए। इसके अलावा पास के बंदर लेंगेह शहर में भी धमाके हुए। इन घटनाओं के पीछे अमेरिका का हाथ होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, ईरानी मीडिया ने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि धमाकों के लिए अमेरिका या इजराइल जिम्मेदार है। ईरान की तरफ से दो अमेरिकी निगरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया गया है। इन ड्रोनों को MQM-170 बताया जा रहा है।
केश्म द्वीप क्यों है इतना अहम?
बता दें, केश्म ईरान का सबसे बड़ा द्वीप है। करीब 1,445 वर्ग किलोमीटर में फैला यह इलाका पहले अपने पर्यटन और फ्री-ट्रेड जोन के लिए जाना जाता था। लेकिन इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण अब इसे सैन्य और समुद्री रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
यह द्वीप होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है। इस समुद्री रास्ते से दुनिया के कई देशों तक कच्चे तेल और गैस की सप्लाई होती है। ऐसे में यहां होने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।
द्वीप के नीचे सुरंगों और सैन्य ठिकानों का नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, केश्म द्वीप के नीचे सुरंगों और प्राकृतिक नमक की गुफाओं का नेटवर्क मौजूद है। ईरान ने इनका इस्तेमाल सैन्य उपकरणों, तटीय मिसाइल प्रणालियों और तेज रफ्तार नौकाओं को सुरक्षित रखने के लिए किया है।
ऐसे ठिकानों की मौजूदगी से ईरान को समुद्र के आसपास अपनी सैन्य गतिविधियां संचालित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन ठिकानों की मौजूदा स्थिति और उनमें मौजूद उपकरणों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
होर्मुज स्ट्रेट पर नजर रखने के लिए अहम ठिकाना
केश्म द्वीप की स्थिति इसे होर्मुज स्ट्रेट के आसपास निगरानी और समुद्री गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाती है। इस इलाके में ईरान की सैन्य मौजूदगी को अमेरिका क्षेत्रीय सुरक्षा के नजरिए से देखता है।
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से इस समुद्री मार्ग को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से रणनीतिक तनाव बना हुआ है।
तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ सकता है असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के प्रमुख तेल और गैस परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में रुकावट आने पर वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकता है।
अमेरिका का आरोप है कि ईरान इस समुद्री क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, केश्म द्वीप पर हुए धमाकों और अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने के दावों के बीच कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। फिलहाल, इन घटनाओं की वजह और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

