शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय ने राहुल गांधी को किया मांफ, 8 साल बाद खत्म हुआ विवाद
2018 के झाबुआ भाषण से जुड़ा राहुल गांधी और कार्तिकेय सिंह चौहान का मानहानि विवाद खत्म हो गया। राहुल गांधी ने कार्तिकेय का नाम लिए जाने को तथ्यात्मक गलती बताते हुए खेद जताया। कार्तिकेय ने इसे स्वीकार किया, जिसके बाद MP हाईकोर्ट ने दोनों अदालतों की कार्यवाही बंद कर दी।

Kartikeya-Rahul Gandhi defamation controversy ends: 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान झाबुआ में राहुल गांधी के एक भाषण से जुड़ा मानहानि विवाद अब कानूनी रूप से समाप्त हो गया है। इस मामले में शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने भोपाल की अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 25 जून 2026 को लंबित कार्यवाही खत्म करने का आदेश दिया।
पनामा पेपर्स के जिक्र के दौरान लिया था नाम
जानकारी के अनुसार, यह मामला 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए राहुल गांधी के एक भाषण से शुरू हुआ था। झाबुआ की रैली में पनामा पेपर्स का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था। इसके बाद कार्तिकेय सिंह चौहान ने भोपाल की अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 से जुड़ी कार्यवाही का उल्लेख कोर्ट रिकॉर्ड में है।
हाईकोर्ट में राहुल गांधी ने दी सफाई
जिसके बाद मामले को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने हाईकोर्ट का रुख किया। अदालत में उनकी ओर से कहा गया कि 29 अक्टूबर 2018 के भाषण में कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लेना तथ्यात्मक गलती थी। उन्होंने इस पर लिखित रूप से खेद भी जताया।
कार्तिकेय ने खेद स्वीकार किया
राहुल गांधी के स्पष्टीकरण और खेद के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से अदालत में सहमति दी गई। उनके पक्ष ने कहा कि अब वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर कार्यवाही समाप्त करने का रास्ता साफ हुआ।
भोपाल कोर्ट की कार्यवाही भी बंद
बता दें, जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की पीठ ने दोनों पक्षों की सहमति को रिकॉर्ड में लेते हुए हाईकोर्ट की कार्यवाही समाप्त कर दी। इसके साथ ही भोपाल की JMFC, स्पेशल जज (MP & MLA) अदालत में लंबित SCPPM No. 03/2018 को भी बंद करने का आदेश दिया गया।
2018 में शुरू हुआ यह विवाद अब दोनों पक्षों की सहमति के बाद समाप्त हो गया है। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खेद और कार्तिकेय सिंह चौहान की सहमति को आधार बनाकर लंबित कार्यवाही बंद की।
