OBC आरक्षण पर राहुल गांधी का पत्र, विश्वास सारंग का तंज- 'चिट्ठी पढ़ लें तो इनाम दूंगा'
मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण को लेकर राहुल गांधी ने CM मोहन यादव को पत्र लिखकर लंबित नियुक्तियों का मुद्दा उठाया। मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि चिट्ठी ठीक से पढ़ लें, तो उन्हें इनाम दूंगा।
Rahul Gandhi Letter on OBC Reservation: मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण से जुड़ा मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस में है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र भेजकर OBC कोटे से जुड़ी लंबित नियुक्तियों पर कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी के पत्र और उनके दावे पर प्रतिक्रिया दी।
राहुल गांधी ने नियुक्तियों का मुद्दा उठाया
जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी ने अपने पत्र में OBC उम्मीदवारों की लंबित नियुक्तियों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके कई अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 27% OBC आरक्षण से जुड़े मामले में 87:13 व्यवस्था के तहत 13% पदों को फिलहाल अलग रखा गया है। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को लंबे समय से नियुक्ति नहीं मिल सकी है।
साथ ही राहुल गांधी ने अपने पत्र में इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस दौरान छात्रों ने रोजगार, शिक्षा और नियुक्तियों से जुड़े मुद्दे उनके सामने रखे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर प्रभावित अभ्यर्थियों की समस्या का समाधान करने की मांग की है।
विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं, राहुल गांधी की चिट्ठी पर मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने निशाना साधते हुए कहा कि वह जिस मुद्दे पर पत्र लिख रहे हैं उसकी जानकारी तो ले लेते। यदि मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण को रोकने का पाप किसी ने किया था, तो वह कांग्रेस की कमलनाथ की सरकार ने किया था। हमारी सरकार तो पहले से कहती है कि हम ओबीसी आरक्षण 27% देने के लिए कटिबद्ध हैं। कोर्ट में कांग्रेस ने पक्ष ठीक ढंग से नहीं रखा। अब राहुल गांधी को कुछ समझ तो आता नहीं है। साथ ही सारंग ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखी बातों को अक्षरश: पढ़ते हुए एक वीडियो पोस्ट करें। अगर सही से वह पढ़ लेते हे हैं तो मैं उन्हें इनाम दूंगा।
27% OBC आरक्षण का मामला क्या है?
बता दें, मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण का प्रावधान वर्ष 2019 में किया गया था। इसके बाद आरक्षण व्यवस्था को लेकर कानूनी चुनौती सामने आई। इसी विवाद के चलते कुछ भर्तियों में पदों को अलग रखते हुए 87:13 व्यवस्था के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। लंबित पदों और नियुक्तियों को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से समाधान की मांग करते रहे हैं। इसी मुद्दे को राहुल गांधी ने अपने पत्र के जरिए फिर उठाया है।

