DPI Commissioner Action: 48 घंटे में निपटाए 800 अनुकंपा नियुक्ति मामले, रातोंरात भोपाल पहुंचे अधिकारी
MP के स्कूल शिक्षा विभाग में वर्षों से लंबित अनुकंपा नियुक्ति मामलों पर तेजी से कार्रवाई शुरू हुई है। संभागीय अधिकारियों को भोपाल बुलाकर रिकॉर्ड, वरिष्ठता और रिक्त पदों की समीक्षा की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दो दिनों में सैकड़ों मामलों पर प्रक्रिया आगे बढ़ी और कई नियुक्ति आदेश जारी हुए।
DPI Commissioner Action: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों पर अब तेजी से कार्रवाई की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने संभागीय संयुक्त संचालकों को भोपाल बुलाकर लंबित प्रकरणों की समीक्षा कराई। अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की मौजूदगी में रिकॉर्ड, वरिष्ठता सूची और रिक्त पदों की जानकारी के आधार पर मामलों को आगे बढ़ाया गया। दो दिनों में लगभग 800 प्रकरणों पर कार्रवाई हुई।
रातोंरात भोपाल पहुंचे संभागीय अधिकारी
जानकारी के अनुसार, लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से संभागीय संयुक्त संचालकों को राजधानी पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद संबंधित अधिकारी रिकॉर्ड के साथ भोपाल पहुंचे। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों के साथ लंबित अनुकंपा नियुक्ति मामलों की समीक्षा की। इस दौरान तकनीकी कर्मचारियों को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया, ताकि दस्तावेज, वरिष्ठता और रिक्त पदों से जुड़ी जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सके।
कुछ ही घंटों में सैकड़ों मामलों पर कार्रवाई
बता दें, समीक्षा के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी देखने को मिली। पहले दिन कई घंटों के भीतर 400 से अधिक मामलों में नियुक्ति आदेश जारी किए गए। अगले दिन भी बड़ी संख्या में प्रकरणों को आगे बढ़ाया गया। जिसमें भी 400 से अधिक मामलों का निपटारा किया गया है।
रिक्त पदों की उपलब्धता बनी अहम कड़ी
रिपोर्ट के अनुसार, अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में केवल आवेदन लंबित होना पर्याप्त नहीं है। संबंधित उम्मीदवार की पात्रता, दस्तावेजों की जांच, वरिष्ठता और उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर निर्णय लिया जाता है। पदोन्नति के बाद खाली हुए कुछ पदों का उपयोग भी अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में किया गया। सहायक ग्रेड-3 के पदों पर कई मामलों को आगे बढ़ाने की जानकारी सामने आई है।
एक दशक से लंबित बताए जा रहे थे मामले
स्कूल शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के कई प्रकरण वर्षों से लंबित बताए जा रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसे मामलों की संख्या 900 से लेकर 1100 से अधिक तक बताई गई है। इन मामलों को एक साथ समीक्षा के लिए भोपाल बुलाने से अधिकारियों के बीच सीधे समन्वय बना और संबंधित रिकॉर्ड की जांच एक ही स्थान पर की गई।
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
लंबित अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर विभाग पहले भी अधिकारियों को निर्देश देता रहा है। मई 2023 में भी जिला शिक्षा अधिकारियों और संभागीय संयुक्त संचालकों को ऐसे मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए थे। इस बार अधिकारियों को राजधानी बुलाकर रिकॉर्ड और रिक्त पदों की जानकारी के साथ मामलों की समीक्षा कराई गई, जिससे प्रक्रिया को गति मिली।
क्या होती है अनुकंपा नियुक्ति?
सरकारी कर्मचारी की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को निर्धारित नियमों के तहत रोजगार देने की व्यवस्था को अनुकंपा नियुक्ति कहा जाता है। इसका उद्देश्य परिवार को आर्थिक संकट से उबरने में सहायता देना है। हालांकि, हर आवेदन पर नियुक्ति स्वतः नहीं मिलती। पात्रता, दस्तावेज, रिक्त पद और संबंधित नियमों के आधार पर प्रकरण की जांच के बाद निर्णय लिया जाता है।

