Breaking News Ujjain : उज्जैन | मध्यप्रदेश के उज्जैन में गर्मी की छुट्टियां मनाने आए बच्चों के साथ एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। गेहूं में कीटनाशक दवा डालने के बाद बने जहरीले धुएं की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों का इलाज अस्पताल में जारी है। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
त्रिवेणी हिल्स इलाके में हुआ हादसा
यह घटना इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी हिल्स क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार लालचंद प्रजापत के घर उनकी बेटियां अपने बच्चों के साथ छुट्टियां बिताने आई थीं। सोमवार रात सभी बच्चे एक बंद कमरे में सो रहे थे, जहां बड़ी मात्रा में गेहूं रखा हुआ था।
कीटनाशक से बनी जहरीली गैस बनी मौत की वजह
बताया जा रहा है कि गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए उसमें कीटनाशक दवा डाली गई थी। बंद कमरे में रातभर उसी दवा से जहरीली गैस बनती रही, जिससे पांचों बच्चे इसकी चपेट में आ गए। सुबह उठने के बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
अस्पताल में दो मासूमों ने तोड़ा दम
परिजन सभी बच्चों को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान सबसे पहले डेढ़ माह की बच्ची त्रिशा ने दम तोड़ दिया। इसके बाद चार साल की अनिका ने भी इलाज के दौरान अपनी जान गंवा दी।
बाकी तीन बच्चों का इलाज जारी है, जिनमें से एक को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया है।
परिवार में मातम, नानी खुद को मान रही जिम्मेदार
घटना के बाद परिवार में गहरा मातम छा गया है। बच्चों की नानी ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी गेहूं में दवा मिलाई गई थी, लेकिन इस बार यह कदम जानलेवा साबित हो गया।
डॉक्टरों की चेतावनी
डॉक्टरों के अनुसार अनाज में डाली जाने वाली कीटनाशक दवाओं से बंद जगह में जहरीली गैस बन सकती है, जो खासकर बच्चों के लिए बेहद खतरनाक होती है। इससे सांस लेने में दिक्कत और दम घुटने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
पुलिस और एफएसएल जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिस कमरे में बच्चे सो रहे थे वहां करीब चार क्विंटल गेहूं रखा था। FSL टीम भी मौके से सैंपल जुटा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।