हाइलाइट्स
- इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पथराव
- झड़प में एसआई आर.एस. बघेल घायल, अस्पताल में भर्ती
- पुलिस ने वॉटर कैनन और बैरिकेडिंग से भीड़ को काबू किया
- भोपाल और ग्वालियर में भी विरोध प्रदर्शन
Indore protest clash : इंदौर। दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यालयों का घेराव किया।
CBSE 10th exam : मजबूत हौसले की मिसाल… चोट के बावजूद लेटकर दी 10वीं की परीक्षा
इंदौर में हिंसक झड़प
इंदौर में प्रदर्शन के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई। जब भाजयुमो कार्यकर्ता गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने पहुंचे, तब वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत हो गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ।
एक-दूसरे पर पत्थर, पानी की बोतलें, तेल की थैलियां, यहां तक कि संतरे और टमाटर भी फेंके गए।
उपद्रव के दौरान ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर आर.एस. बघेल के सीने पर पत्थर लगा, जिससे वे घायल हो गए। उन्हें तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Bhopal Congress PC : भोपाल में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, ट्रेड डील और मंत्री विवाद पर तीखे बयान
पुलिस ने किया वॉटर कैनन का इस्तेमाल
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोका और भीड़ को काबू में करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए। पुलिस ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
भोपाल और ग्वालियर में भी विरोध
भोपाल में भी सैकड़ों भाजयुमो कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन भारी पुलिस बंदोबस्त और बैरिकेडिंग के कारण वे आगे नहीं बढ़ सके। यहां पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हुई।
ग्वालियर में भाजयुमो ने रैली निकालकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि खराब कर रही है।
Vidisha Accident : विदिशा में ट्राला पलटने से 13 वर्षीय बालक की मौत, बहन घायल, ड्राइवर गिरफ्तार
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के भारत मंडपम में हुए एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की थी। भाजपा ने इसे राष्ट्रविरोधी बताया, जबकि कांग्रेस का कहना है कि यह बेरोजगारी और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने का तरीका था।
फिलहाल प्रमुख शहरों में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।