MP News : मध्य प्रदेश। नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना ने गुरुवार को सेमरी हरचंद के पास स्थित शासकीय जनजातीय बालक आश्रम शाला छात्रावास सिद्धपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में बच्चों की शैक्षणिक स्थिति बेहद कमजोर पाई गई। कलेक्टर ने छोटे-छोटे बच्चों से हिंदी, अंग्रेजी और गणित के सरल सवाल पूछे, लेकिन ज्यादातर बच्चे सही जवाब नहीं दे पाए। कई तो ठीक से पढ़ भी नहीं पाए।
कलेक्टर मीना ने इस पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनजातीय बच्चों में सीखने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है, लेकिन शिक्षक उन पर पूरा ध्यान नहीं दे रहे।
पाठ्यक्रम अधूरा है और अभ्यास भी कमजोर है। यह स्थिति गंभीर है, क्योंकि आवासीय आश्रम शालाएं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हैं, जो जनजातीय बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए चलाई जा रही हैं।
मौके पर ही कलेक्टर ने ट्राइबल विभाग के सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी को निर्देश दिए कि लापरवाही करने वाले शिक्षकों को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।
उन्होंने साफ कहा कि बच्चों की पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया में सुधार सबसे जरूरी है। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास के कमरों, रसोईघर और भोजन कक्ष की भी बारीकी से जांच की।
रसोई में पहुंचकर बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता देखी और साफ-सफाई के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावास में स्वच्छता और पौष्टिक भोजन से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
निरीक्षण में सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी, तहसीलदार अनिल झरबड़े सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर के इस औचक दौरे से छात्रावास स्टाफ में हड़कंप मच गया। अब विभाग बच्चों की पढ़ाई सुधारने के लिए विशेष प्लान बनाने की तैयारी कर रहा है।