MP News : नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के छोटे से गांव सुपरली के किसान योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने एक बार फिर अपनी अनोखी कला से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रस्तावित भारत दौरे को देखते हुए योगेंद्र ने नौ अलग-अलग प्रकार के अनाजों से पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेहद खूबसूरत तस्वीर तैयार की है। इस कलाकृति के जरिए वे दुनिया के परमाणु शक्ति संपन्न देशों से एक गंभीर अपील कर रहे हैं – “परमाणु युद्ध से अनाज और धरती को बचाओ”।
इस अनोखी तस्वीर को बनाने में किसान ने जौ, धान, बाजरा, तिल, चावल, गेहूं (कनकी), राजगिरा, मक्का और खसखस जैसे नौ अनाजों का इस्तेमाल किया है। हर अनाज का रंग और बनावट अलग-अलग है, जिससे चित्र में गजब की जीवंतता आई है।
योगेंद्र ने बताया कि यह तस्वीर न सिर्फ दोनों नेताओं के स्वागत के लिए है, बल्कि यह भारत की कृषि प्रधान संस्कृति का भी प्रतीक है। तस्वीर के साथ ही उन्होंने अनाजों से ही एक पत्र भी लिखा है। इसमें श्रीमद् भागवत गीता के तीसरे स्कंध के चौथे श्लोक का जिक्र करते हुए अन्न की महत्ता बताई गई है।
किसान ने लिखा है कि परमाणु हमला हुआ तो इंसान के साथ-साथ खेत, फसलें, जानवर और पूरा पर्यावरण तबाह हो जाएगा। इसलिए परमाणु शक्ति वाले देशों के नेता मिलकर अनाज और खाद्य सुरक्षा का मार्गदर्शन करें। उनका कहना है, “अगर अनाज ही नहीं बचेगा तो इंसानियत कैसे बचेगी?”
योगेंद्र पाल सिंह जल्द ही इस कलाकृति की तस्वीर ईमेल के जरिए दिल्ली स्थित रूसी दूतावास और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजने वाले हैं। वे उम्मीद करते हैं कि उनका संदेश दोनों नेताओं तक जरूर पहुंचेगा।
यह पहला मौका नहीं है जब योगेंद्र ने अनाजों से कला बनाई हो। पिछले कई सालों से वे देश-विदेश की बड़ी हस्तियों की तस्वीरें अनाजों से बनाते आ रहे हैं।
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चाहे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हों, रूस के पुतिन हों या भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – हर बार उनका उद्देश्य एक ही रहा है: भारत की कृषि शक्ति को दुनिया के सामने लाना और परमाणु खतरों से अनाज को बचाने की आवाज उठाना।
गांव के लोग योगेंद्र को “अनाज का कलाकार” कहकर पुकारते हैं। उनका मानना है कि खेती सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि संस्कृति और संदेश देने का माध्यम भी है। इस बार की कलाकृति को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग उनके घर पहुंच रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है।
योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी की यह पहल एक आम किसान की सोच की ऊंचाई दिखाती है। वे न सिर्फ खेती करते हैं, बल्कि खेती के जरिए दुनिया को बड़ा संदेश दे रहे हैं – “अन्न है तो जीवन है, इसे परमाणु आग से बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।”