MP News : उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में ग्राम पंचायतों के तीन सचिवों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह सख्त कार्रवाई जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रेयांस कूमट ने की है।
अधिकारियों पर अपने कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही बरतने का इल्जाम लगा है। निलंबन आदेश तुरंत लागू हो गया। इससे पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का संदेश गया है।
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निलंबन की चपेट में तीन सचिव आए हैं। इनमें जनपद पंचायत खाचरोद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खामरिया के सचिव फूल सिंह परमार शामिल हैं। इसी तरह ग्राम पंचायत नंदवासला के सचिव भारत सिंह राठौर और ग्राम पंचायत दिवेल के सचिव रामचरण पारेगी भी निशाने पर हैं।
इन पर अपने पद की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करने का आरोप है। ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितताएं सामने आईं। शिकायतों के बाद जांच हुई। सीईओ ने मध्य प्रदेश पंचायत सेवा नियम 1999 के भाग-दो (4)(1) के तहत शक्तियों का इस्तेमाल किया।
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निलंबन की अवधि के दौरान तीनों सचिवों का मुख्यालय जनपद पंचायत कार्यालय खाचरोद तय किया गया है। बिना पूर्व अनुमति वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। निलंबन में वे नियमित जीवन निर्वाह भत्ता पा सकेंगे। यह व्यवस्था जांच को प्रभावित न होने देगी। सीईओ ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं। ग्रामीण स्तर पर योजनाओं का सही क्रियान्वयन जरूरी है।