Neet exam 2026 : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा लाखों छात्रों का सपना और एक ऐसा एग्जाम, जिसके लिए पूरे साल कड़ी मेहनत की जाती है। लेकिन इस बार मध्य प्रदेश में सिर्फ छात्रों की ही नहीं, बल्कि पुलिस, प्रशासन और साइबर टीमों की भी बड़ी परीक्षा होने वाली है। वजह है NEET एग्जाम जिसे लेकर पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
30 जिलों में परीक्षा केंद्र, 1.18 लाख छात्र शामिल
21 जून को होने वाली NEET परीक्षा के लिए मध्य प्रदेश में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश के 30 जिलों में बनाए गए 283 परीक्षा केंद्रों पर करीब 1 लाख 18 हजार छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक होगी।
पेपर लीक मामलों के बाद सख्त हुई व्यवस्था
दरअसल पिछले कुछ सालों में देशभर में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के मामलों को देखते हुए इस बार सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर परीक्षा के दौरान जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और 72 घंटे पहले से ही विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
एग्जाम सेंटर्स पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गेट से लेकर एग्जाम हॉल तक दो स्तर की सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहेगा, वहीं लड़कियों की जांच के लिए अलग से फ्रिस्किंग की व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्रों पर कैमरे और जैमर भी लगाए जा रहे हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
साइबर निगरानी के लिए 44 कमांडो तैनात
आपको बता दें कि सिर्फ मैदान में ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रदेशभर में 44 साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं। ये साइबर कमांडो मध्य प्रदेश स्टेट साइबर मुख्यालय से 24 घंटे निगरानी रखेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
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छात्रों की सुविधा का पूरा ध्यान
परीक्षा के दौरान छात्रों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। हर परीक्षा केंद्र पर डॉक्टर तैनात रहेंगे ताकि किसी छात्र की तबीयत खराब होने पर तुरंत मदद मिल सके। बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए जनरेटर की व्यवस्था की गई है। केंद्रों पर शौचालय और क्लॉक रूम की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
परिजनों के लिए भी विशेष इंतजाम
इतना ही नहीं, छात्रों के परिजनों के लिए भी ज़रूरी इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर टेंट लगाए जाएंगे, ताकि तेज धूप या बारिश के दौरान उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं हर केंद्र के बाहर बड़ी घड़ी भी लगाई जाएगी, जिससे छात्रों को समय की सही जानकारी मिल सके।
बड़े शहरों में सबसे ज्यादा परीक्षा केंद्र
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में सबसे ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अकेले भोपाल में 32 केंद्रों पर 13 हजार 774 छात्र परीक्षा देंगे। वहीं प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को लेकर भी खास इंतजाम किए गए हैं। कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्न पत्र पहुंचाने की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंपी गई है और जिले के वरिष्ठ अधिकारी पूरी प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग करेंगे।
NEET सिर्फ परीक्षा नहीं, प्रशासन की भी परीक्षा
इस बार NEET सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि सुरक्षा, पारदर्शिता और भरोसे की भी परीक्षा बनने जा रही है। अब 21 जून को लाखों छात्रों के साथ-साथ पूरे प्रशासन की नजर इस बात पर होगी कि यह परीक्षा शांति और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो।