Bhopal Drug Racket : भोपाल। गांधीनगर क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नशीले कफ सिरप के बड़े और संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में मास्टरमाइंड अकील खान समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 3 नाबालिग भी शामिल हैं। वहीं मकान उपलब्ध कराने वाले आकाश भाटिया की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
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STF के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा था और इसे तीन अलग-अलग लेयर में बांटकर काम किया जा रहा था, ताकि पुलिस और प्रशासन की नजर से बचा जा सके।
सिटी कॉलोनी बना सप्लाई और लोडिंग हब
गांधीनगर स्थित डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी और मुबारकपुर इलाके को इस अवैध कारोबार का मुख्य सप्लाई और लोडिंग हब बनाया गया था। यहीं से भोपाल शहर के अलग-अलग इलाकों के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी नशीले कफ सिरप की सप्लाई की जाती थी।
STF के DIG राहुल लोढ़ा के मुताबिक, मास्टरमाइंड अकील खान पूरे नेटवर्क की लोडिंग, ट्रांसपोर्ट और सप्लाई को खुद मैनेज करता था और पूरे अवैध कारोबार पर उसका पूरा नियंत्रण था।
छापेमारी में 1.5 करोड़ की खेप बरामद
गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात STF ने एक मकान पर छापा मारा, जहां से करीब 50 हजार बोतल नशीला कफ सिरप बरामद किया गया। जब्त की गई इस खेप की अनुमानित कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बरामद सिरप के सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा गया है, जहां इसकी गुणवत्ता और सामग्री की जांच की जाएगी।
तीन लेयर में बंटा था पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि यह पूरा अवैध कारोबार तीन अलग-अलग लेयर में काम कर रहा था। पहली लेयर में मुख्य आरोपी अकील खान और उसके साथी शामिल थे, जो सप्लाई और लोडिंग की जिम्मेदारी संभालते थे और माल को अलग-अलग जगह पहुंचाते थे।
दूसरी लेयर में स्टॉक मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग का काम किया जाता था। यह टीम लगातार लोकेशन बदलकर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करती थी। तीसरी लेयर में स्थानीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूशन और छोटी सप्लाई चेन को मैनेज किया जाता था, ताकि माल आसानी से भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में खपाया जा सके।
नाबालिगों से कराई जाती थी पैकेजिंग
STF की जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क में नाबालिगों का इस्तेमाल किया जा रहा था। तीन बच्चों से कफ सिरप की पैकेजिंग, रैपर बदलने और माल को व्यवस्थित करने जैसे काम कराए जाते थे। आरोपियों द्वारा असली रैपर हटाकर पहचान छिपाने के लिए नए रैपर लगाए जाते थे, जिसके बाद इसे बाजार में सप्लाई किया जाता था।
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अलग-अलग इलाकों में होती थी सप्लाई
यह नेटवर्क कफ सिरप को भोपाल शहर के अलग-अलग हिस्सों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई करता था। इसके लिए लोडिंग वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे माल को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सके। STF का कहना है कि यह लंबे समय से चल रहा एक संगठित अवैध कारोबार था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर STF की टीम मुबारकपुर इलाके में लगातार सर्चिंग कर रही है। वहां और भी बड़े स्टॉक और अहम सबूत मिलने की आशंका जताई जा रही है।
इस मामले में दो आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए STF ने दो विशेष टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए भी उनकी तलाश की जा रही है।
मकान मालिक भी जांच के घेरे में
जिस मकान से भारी मात्रा में कफ सिरप बरामद हुआ है, उसके मालिक से भी पूछताछ की जाएगी। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मकान किराए पर देने से पहले उचित वेरिफिकेशन नहीं किया गया था, जिसकी भी जांच की जा रही है।
STF की कार्रवाई में अब तक बड़ा खुलासा
* सिटी कॉलोनी से 50 हजार बोतल कफ सिरप बरामद
* अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये
* 10 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें 3 नाबालिग शामिल
* नेटवर्क तीन लेयर में संचालित था
* रैपर बदलकर पहचान छिपाई जाती थी
* मुबारकपुर में सर्च ऑपरेशन जारी
* 2 आरोपी अभी फरार
* पूरी सप्लाई चेन की जांच जारी