MP Weather Update : भोपाल। मई की तपती गर्मी के बीच मध्य प्रदेश का मौसम अब रंग बदलता नजर आ रहा है। प्रदेशभर में नौतपा के दौरान जहां कुछ जिलों में सूरज अब भी आग उगल रहा है, वहीं कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।
मौसम विभाग ने ग्वालियर संभाग सहित प्रदेश के 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। ऐसे में भीषण गर्मी के बीच मौसम का यह बदला हुआ रूप लोगों को राहत भी दे रहा है और सतर्क रहने की चेतावनी भी।
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नौतपा के बीच मौसम ने बदला रंग
आमतौर पर नौतपा के दिनों में तापमान अपने चरम पर पहुंचता जाता है और लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। इस बार भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज गर्मी बनी हुई है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। कई जिलों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बारिश होने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम ऐसा ही बदला हुआ रह सकता है।
9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, नीमच और मंदसौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में न रुकने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और बिजली गिरने की आशंका के समय सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की है।
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नरसिंहपुर सबसे गर्म, कई जिलों में 42 डिग्री के पार पारा
बारिश और बादलों के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। नरसिंहपुर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसके अलावा रायसेन में 43 डिग्री, शाजापुर और नर्मदापुरम में 42.5 डिग्री, राजगढ़ में 42.4 डिग्री तथा खंडवा में 42.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में दोपहर के समय लोगों को तेज गर्म हवाओं और उमस का सामना करना पड़ा।
बड़े शहरों में गर्मी का असर
राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं इंदौर में 39.4 डिग्री, उज्जैन में 41.6 डिग्री और जबलपुर में 40.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, लेकिन बीच-बीच में चल रही हवाओं और बादलों की आवाजाही ने गर्मी की तीव्रता को कुछ हद तक कम किया है।
ग्वालियर में सबसे ज्यादा राहत
प्रदेश में सबसे बड़ा बदलाव ग्वालियर में देखने को मिला। यहां दिन का तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश के प्रमुख शहरों में सबसे कम रहा।
सबसे खास बात यह रही कि ग्वालियर के तापमान में एक दिन के भीतर 10.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह दतिया में 10.1 डिग्री, खजुराहो में 7.3 डिग्री, नौगांव में 7.5 डिग्री और रीवा में 5.8 डिग्री तापमान कम हुआ।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट बारिश, बादल और तेज हवाओं के कारण दर्ज की गई है।
30 मई के बाद और बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 मई के बाद प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि मई के अंतिम दिनों और जून की शुरुआत में मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए भी राहत भरा साबित हो सकता है। हालांकि तेज आंधी और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।
अगले कुछ दिनों का मौसम
- कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना।
- 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के भी आसार।
- दिन के तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना।
- नौतपा का असर जारी रहेगा, लेकिन बारिश के कारण राहत मिल सकती है।
गर्मी और बारिश के बीच सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तेज धूप के दौरान बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।