Water Crisis : सीहोर। जिले में नौतपा शुरू होने से पहले ही भीषण गर्मी और जल संकट ने हालात गंभीर कर दिए हैं। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली सीवन नदी पूरी तरह सूख गई है। नदी में पानी खत्म होने से शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है और लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित
सीहोर में दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। दोपहर में शहर के मुख्य बाजार और सड़कें लगभग सुनसान दिखाई दे रही हैं। गर्मी का असर इतना ज्यादा है कि लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे हालात और कठिन हो सकते हैं।
पूरी तरह सूखी सीवन नदी
शहर के बीच से गुजरने वाली सीवन नदी अब पूरी तरह सूख चुकी है। नदी का तल जगह-जगह फट गया है और जहां कभी पानी बहता था, वहां अब मवेशी घूमते और घास चरते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने वर्षों में पहली बार नदी को इस हालत में देखा है। नदी सूखने से भूजल स्तर पर भी असर पड़ा है और कई इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित हो गई है।
पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर लोग
नगर के कई क्षेत्रों में नल से पानी की सप्लाई बंद होने लगी है। लोग अब निजी टैंकरों के सहारे पानी जुटा रहे हैं। बढ़ती गर्मी और पानी की कमी ने आम लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। इस संकट का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि मवेशियों और पक्षियों को भी पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
लोगों ने प्रशासन से लगाई गुहार
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द राहत व्यवस्था शुरू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। नागरिकों ने टैंकरों से नियमित पानी सप्लाई, खराब हैंडपंपों की मरम्मत और अतिरिक्त जल प्रबंधन की मांग की है।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
स्थिति को गंभीर देखते हुए कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले के सभी सीएमओ, जनपद सीईओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर ने कहा है कि:
- जिले में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए
- खराब हैंडपंप और नल-जल योजनाओं की तुरंत मरम्मत हो
- नियमित मॉनिटरिंग की जाए
- जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक जल व्यवस्था तत्काल लागू की जाए
उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि आम जनता को पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।