Vidisha News today : विदिशा में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 700 मेडिकल स्टोर बंद, काले कपड़े पहनकर निकाली वाहन रैली

Vidisha News today

Vidisha News today : विदिशा।   जिले में बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के देशव्यापी आह्वान पर जिलेभर के करीब 700 मेडिकल स्टोर बंद रहे। इनमें शहर के लगभग 250 मेडिकल स्टोर शामिल थे। Transfer Policy 2026 : एमपी में 1 से 15 जून तक तबादले, मोहन सरकार ने ट्रांसफर नीति 2026 को दी मंजूरी काले कपड़े पहनकर किया विरोध प्रदर्शन हड़ताल के दौरान जिलेभर के दवा विक्रेता गांधी चौक नीमताल पर एकत्रित हुए। व्यापारियों ने काले कपड़े पहनकर ऑनलाइन और कॉर्पोरेट स्तर पर दवा बिक्री का विरोध जताया। इसके बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहन रैली निकाली गई। रैली के जरिए लोगों को ऑनलाइन दवा बिक्री से जुड़े संभावित खतरों और नुकसान के प्रति जागरूक किया गया। प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन रैली के बाद सभी दवा व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि: ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए बिना डॉक्टर की पर्ची दवा देने पर रोक लगे भारी छूट देकर बाजार प्रभावित करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई हो अवैध ऑनलाइन दवा कारोबार बंद किया जाए Twisha Case : ट्विशा मौत मामले में नया मोड़, राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, फरार पति पर लुक आउट नोटिस जारी दवाओं की गुणवत्ता को लेकर चिंता केमिस्ट एसोसिएशन के चंद्रकांत जैन ने कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य लोगों की सेहत की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री में: दवाओं की गुणवत्ता सही तापमान में भंडारण परिवहन व्यवस्था निगरानी प्रणाली को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। उन्होंने चिंता जताई कि गलत दवा मिलने या दुष्प्रभाव होने पर जिम्मेदारी तय करना भी मुश्किल हो जाता है। इमरजेंसी सेवाओं के लिए कुछ स्टोर खुले हड़ताल के बावजूद मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों और नर्सिंग होम के भीतर संचालित कुछ मेडिकल स्टोर खुले रखे गए थे, ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो। एसोसिएशन के अनुसार देशभर में 12 लाख से अधिक केमिस्ट इस आंदोलन में शामिल हुए। विदिशा जिले के दवा व्यापारियों ने भी इस बंद को समर्थन दिया। Crime News : विदिशा में 1 करोड़ की डकैती का फरार आरोपी गिरफ्तार: 4 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश

Transfer Policy 2026 : एमपी में 1 से 15 जून तक तबादले, मोहन सरकार ने ट्रांसफर नीति 2026 को दी मंजूरी

Mohan Yadav Cabinet

 Transfer Policy 2026 : भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे समय से तबादला नीति का इंतजार कर रहे लाखों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मोहन सरकार ने तबादला नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। नई नीति के तहत प्रदेश में 1 जून से 15 जून 2026 तक तबादले किए जा सकेंगे। मोहन कैबिनेट की बैठक में इस नीति को स्वीकृति दी गई। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री के A+ श्रेणी वाले तबादलों की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी कर ली जाए। Raisen News : रायसेन में मेडिकल स्टोर बंद, मरीजों को परेशानी, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल पति-पत्नी को एक जगह पोस्टिंग देने पर जोर नई तबादला नीति में पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने पर विशेष विचार किया जाएगा। इसके अलावा गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों और स्वयं के खर्च पर तबादला चाहने वाले कर्मचारियों को भी विशेष छूट दी जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि: कैंसर लकवा हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों वाले मामलों में प्रतिबंध अवधि में भी तबादले हो सकेंगे। इन सेवाओं पर लागू नहीं होगी नीति यह तबादला नीति: मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा राज्य प्रशासनिक सेवा राज्य पुलिस सेवा राज्य वन सेवा मंत्रालय पर लागू नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर विभाग अपनी अलग ट्रांसफर नीति भी बना सकेंगे। Crime News : विदिशा में 1 करोड़ की डकैती का फरार आरोपी गिरफ्तार: 4 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश किस स्तर पर कौन करेगा तबादले? नीति के अनुसार: जिले के भीतर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले कलेक्टर, प्रभारी मंत्री की मंजूरी से करेंगे। प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी राज्य संवर्ग अधिकारियों के तबादले विभागीय स्तर पर होंगे। गृह विभाग के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है। उप पुलिस अधीक्षक (DSP) से नीचे के अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पुलिस स्थापना बोर्ड और एसपी स्तर से किए जाएंगे। विशेष परिस्थितियों में भी मिल सकेगी अनुमति सरकार ने कुछ विशेष मामलों में प्रतिबंध अवधि के दौरान भी तबादलों की अनुमति दी है। इनमें शामिल हैं: कोर्ट के आदेश लोकायुक्त जांच अनुशासनात्मक कार्रवाई रिक्त पदों को भरना गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मामले MP Water Crisis : भीषण गर्मी में पानी को तरस रहे गांव, कहीं झिरी खोदकर तो कहीं गंदे कुएं से ला रहे पानी विभागवार तय हुई तबादलों की सीमा सरकार ने विभागों के अनुसार ट्रांसफर की सीमा भी तय की है: 200 तक कर्मचारियों वाले विभागों में 20% तक तबादले 2 हजार से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में 260 कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त 5% तक तबादले रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों को राहत जिन कर्मचारियों की रिटायरमेंट में सिर्फ एक साल या उससे कम समय बचा है, उनका सामान्य परिस्थितियों में तबादला नहीं किया जाएगा। नई तबादला नीति लागू होने के बाद अब सवाल यह है कि क्या इससे प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार होगा और लंबे समय से तबादले का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिल पाएगी या नहीं। MP Medical Store Strike : मध्यप्रदेश में कल बंद रहेंगे मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को हड़ताल

Raisen News : रायसेन में मेडिकल स्टोर बंद, मरीजों को परेशानी, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल

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Raisen News : रायसेन।  जिले में बुधवार को दवा व्यापारियों की देशव्यापी हड़ताल का असर साफ देखने को मिला। जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर शहर सहित पूरे जिले के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे। इससे दवाइयां लेने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह बंद ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में किया गया था। Twisha Case : ट्विशा मौत मामले में नया मोड़, राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, फरार पति पर लुक आउट नोटिस जारी जिला अस्पताल के पास कुछ दुकानों पर मिली दवा हालांकि, जिला अस्पताल गेट नंबर-2 के पास कुछ मेडिकल स्टोर शुरुआत में खुले रहे, जहां मरीजों की भीड़ देखने को मिली। मनोज मेडिकल सहित कुछ दुकानों से लोगों ने जरूरी दवाइयां खरीदीं। बाद में मीडिया कवरेज के बाद इन दुकानों को भी बंद कर दिया गया। मरीजों की जरूरत को देखते हुए एसोसिएशन ने इमरजेंसी सेवाओं के लिए जिला अस्पताल के औषधि केंद्र और मुखर्जी नगर स्थित एक मेडिकल स्टोर को खुला रखने की अनुमति दी थी। गंभीर मरीजों को दवा की दिक्कत न हो, इसके लिए यह व्यवस्था की गई। मेडिकल स्टोर बंद होने से कई मरीजों और उनके परिजनों को शहर में दवा तलाशने के लिए भटकना पड़ा। खासकर बुजुर्ग और नियमित दवाइयां लेने वाले मरीजों को ज्यादा परेशानी हुई। ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ विरोध दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से पारंपरिक मेडिकल कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि बड़ी कंपनियां भारी छूट देकर बाजार पर कब्जा कर रही हैं, जिससे छोटे और मध्यम कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। Crime News : विदिशा में 1 करोड़ की डकैती का फरार आरोपी गिरफ्तार: 4 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश व्यापारियों ने मांग की है कि: अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगे जीएसआर 817(E) अधिसूचना वापस ली जाए कोविड काल में जारी जीएसआर 220(E) को निरस्त किया जाए बड़ी कंपनियों की मनमानी पर नियंत्रण हो नकली दवाइयों को लेकर चिंता एसोसिएशन का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए नकली और बिना निगरानी वाली दवाइयों का खतरा बढ़ सकता है। इसका सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन, मध्यप्रदेश केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स से जुड़ा हुआ है। संगठन देशभर के लाखों दवा विक्रेताओं और वितरकों का प्रतिनिधित्व करता है।  Pharmacy Strike : MP में 41 हजार मेडिकल स्टोर्स बंद, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल, मरीज परेशान

Twisha Case : ट्विशा मौत मामले में नया मोड़, राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, फरार पति पर लुक आउट नोटिस जारी

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Twisha Case : भोपाल। भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। मामले में बढ़ते विवाद और लगातार उठ रहे सवालों के बीच राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब तलब किया है। आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र भेजकर निष्पक्ष, त्वरित और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही 7 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी मांगी है। आयोग ने मांगी ये अहम जानकारियां राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस और प्रशासन से मामले में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें शामिल हैं: FIR में लगाई गई धाराएं फरार पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी की स्थिति आरोपी का पासपोर्ट इंपाउंड करने की कार्रवाई CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच फॉरेंसिक सबूतों पर हुई कार्रवाई पीड़िता के परिवार की सुरक्षा व्यवस्था आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परिवार पर किसी भी तरह का दबाव या धमकी न आने दी जाए। Crime News : विदिशा में 1 करोड़ की डकैती का फरार आरोपी गिरफ्तार: 4 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश फरार पति पर लुक आउट नोटिस जारी इधर, भोपाल पुलिस ने ट्विशा के फरार पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है। पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने बताया कि एसआईटी हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतका के गले पर मिले निशान बेल्ट से फांसी लगाने जैसे बताए गए हैं। हालांकि पुलिस ने कहा कि यदि परिवार दूसरी पोस्टमार्टम जांच चाहता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। 11 मई को हुई थी ट्विशा की संदिग्ध मौत ट्विशा शर्मा की 11 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। वह गर्भवती थी। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और उसके परिवार पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना के बाद से ही समर्थ सिंह फरार है। भोपाल में रिटायर्ड सैनिकों की बाइक रैली ट्विशा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को भोपाल में बड़ी संख्या में रिटायर्ड सैनिकों ने बाइक रैली निकाली। पूर्व सैनिक लाल परेड ग्राउंड पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। रैली के बाद रिटायर्ड जनरल श्याम सुंदर श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने स्पेशल डीजी अनिल कुमार शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। Murder Case today : सेल्टिया हत्याकांड का इनामी आरोपी पुणे से गिरफ्तार: युवक की हत्या कर शव तालाब में फेंका था परिवार की 5 मांगें प्रशासन के सामने रखीं रिटायर्ड जनरल ने बताया कि: मामले की निष्पक्ष जांच हो आरोपी की जल्द गिरफ्तारी हो परिवार को सुरक्षा मिले जांच पर किसी प्रकार का दबाव न हो सभी सबूतों की वैज्ञानिक तरीके से जांच हो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भी मांगपत्र सौंपा जाएगा। पूर्व सैनिकों ने पुलिस पर उठाए सवाल रैली में शामिल रिटायर्ड विंग कमांडर ने कहा कि यदि सैनिक परिवारों के साथ ऐसा व्यवहार होगा तो इसका असर जवानों के मनोबल पर पड़ेगा। उन्होंने ट्विशा पर लगाए गए ड्रग्स संबंधी आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि यह आरोपी पक्ष की खुद को बचाने की कोशिश हो सकती है। पूर्व सैनिकों ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी पुलिस व्यवस्था होने के बावजूद अब तक आरोपी गिरफ्तार क्यों नहीं हो पाया। Road Accident : रायसेन में डंपर की चपेट में आने से बाइक सवार मिस्त्री की मौत, मौके पर टूटी सांस  “ट्विशा सिर्फ भोपाल नहीं, देश की बेटी” सुबेदार मेजर आरके गुप्ता ने कहा कि मामले में शुरू से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि: पोस्टमार्टम जल्दी कराया गया FIR में देरी हुई कई तथ्य संदिग्ध दिखाई दे रहे हैं उन्होंने कहा कि ट्विशा सिर्फ भोपाल की नहीं बल्कि पूरे देश की बेटी है और सभी लोग इंसाफ की लड़ाई के लिए एकजुट हुए हैं।

Crime News : विदिशा में 1 करोड़ की डकैती का फरार आरोपी गिरफ्तार: 4 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश

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Crime News : विदिशा।   जिले के त्योंदा थाना क्षेत्र में चार महीने पहले हुई 1 करोड़ रुपये की चर्चित डकैती मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के पास से सोना, नकदी, देशी कट्टा और मोटरसाइकिल समेत करीब 5.50 लाख रुपये का सामान बरामद किया गया है। लगातार दबिश के बाद गिरफ्तारी पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी। तकनीकी जांच और मुखबिर सूचना के आधार पर फरार आरोपी अमन पटेल को गिरफ्तार किया गया। अमन मूल रूप से सेमरा गांव का रहने वाला है और फिलहाल राहतगढ़ थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में छिपकर रह रहा था। Murder Case today : सेल्टिया हत्याकांड का इनामी आरोपी पुणे से गिरफ्तार: युवक की हत्या कर शव तालाब में फेंका था पुलिस ने उसके कब्जे से: 30 ग्राम सोना 50 हजार रुपये नकद एक देशी कट्टा एक राइडर मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 5.50 लाख रुपये बताई गई है। घर में घुसकर परिवार को बनाया था बंधक पुलिस के मुताबिक यह सनसनीखेज डकैती 23-24 जनवरी 2026 की रात ग्राम रायखेड़ी में हुई थी। हथियारबंद बदमाशों ने बृजबिहारी कुर्मी के घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को बंधक बना लिया था। इसके बाद आरोपियों ने घर से: सोने-चांदी के जेवर नकदी अन्य कीमती सामान लूट लिया था। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। Road Accident : हरदा में मजदूरों से भरी पिकअप पलटी: 24 घायल, 7 की हालत गंभीर पहले भी पकड़े जा चुके हैं आरोपी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित की थीं। इससे पहले पुलिस: 4 आरोपियों 1 नाबालिग को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके कब्जे से: 44 तोला सोना 1 किलो से ज्यादा चांदी 10 लाख रुपये नकद बाइक और अवैध हथियार बरामद किए गए थे। कुल जब्ती करीब 1 करोड़ रुपये की बताई गई थी। पूरी कार्रवाई एसपी रोहित काशवानी के निर्देशन में की गई। एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी शिखा भलावी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गौरव रघुवंशी और उनकी टीम ने आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई। Liquor Shop Theft : नर्मदापुरम में शराब दुकान में चोरी, 4 कर्मचारी सोते रहे; 39 हजार कैश और मोबाइल ले उड़े चोर पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Murder Case today : सेल्टिया हत्याकांड का इनामी आरोपी पुणे से गिरफ्तार: युवक की हत्या कर शव तालाब में फेंका था

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 Murder Case today : बैतूल।  जिले के बोरदेही थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सेल्टिया जलाशय हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब इस हत्याकांड के सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। 15 मई 2026 को ग्राम कारोपानी के पास स्थित सेल्टिया जलाशय में एक युवक का शव संदिग्ध हालत में मिला था। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी राधेश्याम बट्टी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। Water Crisis : सीहोर में जल संकट गहराया, पूरी तरह सूखी सीवन नदी, 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान पुलिस को युवक का शव पानी में औंधे मुंह पड़ा मिला था, जिसे भारी पेड़ के तने के नीचे दबाया गया था। मृतक की पहचान 22 वर्षीय राजू उईके निवासी ढाकरवाड़ी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा के रूप में हुई थी। पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की गला दबाकर हत्या किए जाने और शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई थी। जांच में सामने आया कि मजदूरी के पैसों के लेन-देन को लेकर मृतक और आरोपियों के बीच विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने युवक की हत्या कर शव को जलाशय में छिपाने की कोशिश की। शादी समारोह के बाद हुआ था लापता पुलिस जांच में पता चला कि 13 मई को राजू उईके एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। वहां से वह आरोपियों के साथ मोटरसाइकिल पर निकला था, लेकिन इसके बाद घर वापस नहीं लौटा। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। Cow Smuggling : बैतूल में गौवंश तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 15 मवेशी जब्त, 2 आरोपी गिरफ्तार; एक मवेशी की मौत पहले गिरफ्तार हुए थे ये आरोपी मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं: रुपेश कवडे निवासी टुई ढाना सेल्टिया, जिला छिंदवाड़ा आयुष नर्रे निवासी बामला, जिला बैतूल तेजीलाल उईके निवासी ढाकरवाड़ी, जिला छिंदवाड़ा एक विधि-विरुद्ध बालक वहीं फरार आरोपी संजय उर्फ संजू धुर्वे निवासी ढाकरवाड़ी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लगातार तलाश और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी संजय उर्फ संजू को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस अब पूरे मामले में आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है। थाना बोरदेही में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच जारी है। MP Water Crisis : भीषण गर्मी में पानी को तरस रहे गांव, कहीं झिरी खोदकर तो कहीं गंदे कुएं से ला रहे पानी

Road Accident : हरदा में मजदूरों से भरी पिकअप पलटी: 24 घायल, 7 की हालत गंभीर

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Road Accident : हरदा।  जिले में बुधवार सुबह खंडवा स्टेट हाईवे पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। मजदूरों से भरी एक ओवरलोड पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 12 महिलाओं और 12 पुरुषों समेत कुल 24 मजदूर घायल हुए हैं। इनमें 7 मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी मजदूर डाबया और पाडल्या गांव से नीमगांव मूंग की फसल काटने जा रहे थे।  Pharmacy Strike : MP में 41 हजार मेडिकल स्टोर्स बंद, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल, मरीज परेशान जानकारी के मुताबिक पिकअप वाहन (एमपी 42 जी 1695) में क्षमता से ज्यादा करीब 45 मजदूर सवार थे। कांकरिया और मसनगांव के बीच कमलेश बांके के खेत के पास अचानक वाहन का पिछला एक्सल टूट गया। एक्सल टूटते ही वाहन का चक्का निकल गया और तेज रफ्तार पिकअप सड़क पर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय पीछे से आ रही एक दूसरी पिकअप ओवरटेक कर रही थी, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया। मजदूरों में मची चीख-पुकार हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर मजदूर घायल अवस्था में पड़े रहे और चीख-पुकार सुन आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए पहुंचे। ग्रामीणों ने घायलों को वाहन से बाहर निकाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस और 112 पुलिस सहायता वाहन मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। कुछ समय तक हादसे के कारण स्टेट हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। Water Crisis : सीहोर में जल संकट गहराया, पूरी तरह सूखी सीवन नदी, 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान एक मजदूर की उंगलियां कटीं, 6 लोगों को फ्रैक्चर जिला अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है। हादसे में: घासीराम नामक मजदूर की उंगलियां कट गईं करीब 6 मजदूरों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर हुआ अन्य लोगों को चोटें और गंभीर झटके लगे हैं डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिकअप में क्षमता से अधिक मजदूर बैठे थे। वाहन में लगभग 45 लोग सवार थे, जिससे हादसा ज्यादा गंभीर हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वाहन मालिक तथा चालक की जिम्मेदारी तय की जा रही है।

Water Crisis : सीहोर में जल संकट गहराया, पूरी तरह सूखी सीवन नदी, 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

Water Crisis

Water Crisis : सीहोर।  जिले में नौतपा शुरू होने से पहले ही भीषण गर्मी और जल संकट ने हालात गंभीर कर दिए हैं। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली सीवन नदी पूरी तरह सूख गई है। नदी में पानी खत्म होने से शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है और लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित सीहोर में दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। दोपहर में शहर के मुख्य बाजार और सड़कें लगभग सुनसान दिखाई दे रही हैं। गर्मी का असर इतना ज्यादा है कि लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे हालात और कठिन हो सकते हैं।  Pharmacy Strike : MP में 41 हजार मेडिकल स्टोर्स बंद, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल, मरीज परेशान पूरी तरह सूखी सीवन नदी शहर के बीच से गुजरने वाली सीवन नदी अब पूरी तरह सूख चुकी है। नदी का तल जगह-जगह फट गया है और जहां कभी पानी बहता था, वहां अब मवेशी घूमते और घास चरते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने वर्षों में पहली बार नदी को इस हालत में देखा है। नदी सूखने से भूजल स्तर पर भी असर पड़ा है और कई इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर लोग नगर के कई क्षेत्रों में नल से पानी की सप्लाई बंद होने लगी है। लोग अब निजी टैंकरों के सहारे पानी जुटा रहे हैं। बढ़ती गर्मी और पानी की कमी ने आम लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। इस संकट का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि मवेशियों और पक्षियों को भी पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से लगाई गुहार स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द राहत व्यवस्था शुरू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। नागरिकों ने टैंकरों से नियमित पानी सप्लाई, खराब हैंडपंपों की मरम्मत और अतिरिक्त जल प्रबंधन की मांग की है। Child Accident : पलंग से गिरा 6 माह का मासूम, इलाज के दौरान मौत; परिजनों ने जिला अस्पताल पर लापरवाही का आरोप कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश स्थिति को गंभीर देखते हुए कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले के सभी सीएमओ, जनपद सीईओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि: जिले में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए खराब हैंडपंप और नल-जल योजनाओं की तुरंत मरम्मत हो नियमित मॉनिटरिंग की जाए जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक जल व्यवस्था तत्काल लागू की जाए उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि आम जनता को पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।

 Pharmacy Strike : MP में 41 हजार मेडिकल स्टोर्स बंद, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल, मरीज परेशान

 Pharmacy Strike

 Pharmacy Strike : भोपाल/ग्वालियर।   मध्यप्रदेश में बुधवार को करीब 41 हजार मेडिकल स्टोर्स बंद रहे। यह बंद ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) द्वारा बुलाया गया। प्रदेशभर के रिटेल और थोक दवा व्यापारियों ने इस बंद का समर्थन किया। राजधानी भोपाल में भी 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर्स बंद रहे। हालांकि, अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को इस बंद से बाहर रखा गया है ताकि मरीजों को जरूरी दवाएं मिल सकें। MP Weather : बैतूल में सीजन का सबसे गर्म दिन, नौतपा से पहले ही लू जैसे हालात, तापमान 43.8 डिग्री पहुंचा ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध क्यों? AIOCD के जनरल सेक्रेटरी राजीव सिंघल ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसकी गुणवत्ता, निगरानी और सुरक्षा को लेकर अभी तक स्पष्ट और मजबूत व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि बिना उचित नियंत्रण के घर-घर दवाएं पहुंचना आम लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है। दवा कारोबारियों का आरोप है कि: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त जांच के दवाएं बेच रहे हैं कई बार डॉक्टर की वैध पर्ची के बिना भी दवाएं उपलब्ध हो जाती हैं नकली और एक्सपायरी दवाओं का खतरा बढ़ सकता है छोटे मेडिकल स्टोर्स का कारोबार प्रभावित हो रहा है Narmadapuram News : नर्मदापुरम में आदिवासी संगठन का धरना कलेक्टर को बुलाने पर अड़े, फॉरेस्ट एसडीओ पर कार्रवाई की मांग मरीजों को हुई परेशानी हड़ताल का सबसे ज्यादा असर आम मरीजों पर देखने को मिला। ग्वालियर सहित कई शहरों में लोग जरूरी दवाओं के लिए भटकते रहे। ग्वालियर के हरिओम कश्यप अपनी 75 वर्षीय पत्नी की दवा लेने बाजार पहुंचे थे, लेकिन सभी दुकानें बंद मिलने से उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि पत्नी की नियमित दवा समय पर नहीं मिलने से उनकी तबीयत बिगड़ सकती है। कई मरीजों और परिजनों को घंटों तक मेडिकल स्टोर तलाशने पड़े। अस्पतालों के मेडिकल स्टोर्स खुले स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसरों में संचालित मेडिकल स्टोर्स को बंद से मुक्त रखा गया। ताकि भर्ती मरीजों और इमरजेंसी केस में दवा की समस्या न हो। प्रशासन ने जिला स्तर पर टास्क फोर्स भी बनाई है। जरूरतमंद मरीज हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर दवा मंगा सकते हैं। यह टीम इमरजेंसी मरीजों तक दवा पहुंचाने का काम कर रही है। Raisen News : रायसेन के नकतरा गांव में पानी को लेकर चक्काजाम, खाली बर्तन रखकर सड़क पर उतरे ग्रामीण कोविड काल में बढ़ा था ई-फार्मा का चलन कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने लोगों तक जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए ई-फार्मा कंपनियों को कई रियायतें दी थीं। उस दौरान: ई-फार्मा को आवश्यक सेवा का दर्जा मिला डिजिटल प्रिसक्रिप्शन पर दवा देने की अनुमति दी गई व्हाट्सएप और ईमेल से भेजी गई पर्चियां मान्य की गईं घर बैठे दवा डिलीवरी को बढ़ावा मिला इससे लोगों को लॉकडाउन में राहत मिली, लेकिन अब पारंपरिक दवा व्यापारी इसके खिलाफ सख्त नियमों की मांग कर रहे हैं। क्या है आगे की चिंता? दवा कारोबारियों का कहना है कि अगर ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए सख्त नियम नहीं बनाए गए तो भविष्य में मरीजों की सुरक्षा और दवा की गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं। वहीं आम लोग सुविधा के कारण ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। फिलहाल, हड़ताल के चलते कई शहरों में दवा बाजार बंद हैं और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Raisen News : तीन दिन भूखा रहा युवक, रेसिंग बाइक के लिए फंदे तक पहुंचा; स्टंटबाजी पर लगा 20 हजार जुर्माना