Hospital controversy : सीहोर। सीहोर जिला मुख्यालय के मां गायत्री हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला मयूरी राठौर की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों का आरोप है कि मयूरी को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था। लेकिन कुछ ही घंटे बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। परिजनों ने दावा किया कि एक इंजेक्शन लगाए जाने के लगभग 5 से 7 मिनट बाद ही महिला की हालत बिगड़ने लगी थी।
परिजनों ने लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप
मृतका के पति मनीष राठौर और अन्य परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इलाज के दौरान सही जानकारी नहीं दी गई और जब उन्होंने डॉक्टर से स्थिति समझने की कोशिश की तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिजनों ने इसे गलत इंजेक्शन या इलाज में लापरवाही का मामला बताया है और कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया गलत
वहीं निजी अस्पताल की डॉक्टर सुजाता परमार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि मरीज का इलाज पूरी मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत किया गया था। डॉक्टर के अनुसार, संभव है कि चाय पीने के बाद किसी कारण से भोजन या तरल पदार्थ सांस नली में अटक गया हो, जिससे यह स्थिति बनी। उन्होंने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने बताया कि परिजनों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।