Congress Farmers Protest : भोपाल। भोपाल में कांग्रेस के किसान आंदोलन और हाईवे जाम के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई कांग्रेस विधायकों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बताया जा रहा है कि प्रदेशभर में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन और चक्काजाम किया गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
एफआईआर के बाद गरमाई सियासत
मामला दर्ज होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
मुबारक हो मेरे प्रदेश के किसानों…
भाजपा सरकार आपसे डर गई है।
खलघाट सहित पूरे प्रदेश में किसानों के हक़ की आवाज़ उठी तो भाजपा ने समाधान नहीं, एफआईआर का रास्ता चुना।
मेरे नाम सहित कांग्रेस के कई विधायकों और सैकड़ों नेताओं पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए।
क्या किसानों के लिए एमएसपी मांगना अपराध है?
क्या फसल बीमा, खाद-बीज और बिजली की बात करना गुनाह है?
सुन ले मोहन सरकार – “कांग्रेस किसानों के लिए लाठी भी खाएगी और अगर जेल भी जाना पड़ा तो उमंग सिंघार 100 बार तैयार है”
डर आपकी एफआईआर में दिख रहा है, किसानों की आवाज़ में नहीं।
अन्नदाता की लड़ाई अब और मजबूती से लड़ी जाएगी।
“जय किसान – जय किसान”
एमएसपी और किसानों के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आंदोलन किसानों की समस्याओं को लेकर किया गया था। प्रदर्शन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), फसल बीमा, खाद-बीज और बिजली से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
वहीं प्रशासन का कहना है कि हाईवे जाम और कानून व्यवस्था प्रभावित होने के चलते कार्रवाई की गई है।
प्रदेश में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
एफआईआर के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस इसे किसानों की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि भाजपा कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रही है।