Vidisha News : विदिशा। जिले में भीषण गर्मी और अधिक मास के चलते लोग राहत और धार्मिक आस्था के लिए नदी घाटों का रुख कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा खतरनाक घोषित किए गए बगला घाट पर भी बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंच रहे हैं। हालत यह है कि चेतावनी बोर्ड लगे होने के बावजूद लोग नदी में उतर रहे हैं, जबकि मौके पर न तो होमगार्ड जवान तैनात हैं और न ही कोई गोताखोर मौजूद है।
45 डिग्री गर्मी में घाटों पर बढ़ी भीड़
विदिशा में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के करीब बना हुआ है। तेज गर्मी से राहत पाने के लिए सुबह के समय लोग नदी घाटों पर पहुंच रहे हैं। बगला घाट पर:
- बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की भीड़ देखी जा रही है
- लोग चेतावनी बोर्ड नजरअंदाज कर नदी में स्नान कर रहे हैं
- प्रशासन की रोक के बावजूद गतिविधियां जारी हैं
प्रशासन पहले ही घोषित कर चुका है खतरनाक
बगला घाट को प्रशासन ने पहले ही खतरनाक क्षेत्र घोषित किया है। यहां:
- नदी की गहराई अधिक है
- पानी का बहाव तेज रहता है
- पहले भी कई लोग डूब चुके हैं
सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह गायब
घाट पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार:
- कोई होमगार्ड जवान तैनात नहीं
- गोताखोरों की व्यवस्था नहीं
- लोगों को रोकने वाला कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
स्विमिंग पूल की कमी, नदी में सीख रहे बच्चे
शहर में स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं नहीं होने के कारण कई परिवार बच्चों को तैराकी सिखाने के लिए नदी घाट पर ला रहे हैं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि:
- अधिक मास के कारण श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है
- नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है
- ऐसे में घाट पर स्नान और ज्यादा खतरनाक हो गया है
उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा बल और गोताखोर तैनात करने की मांग की है। स्थानीय निवासी अश्वनी राजपूत ने कहा कि सिर्फ चेतावनी बोर्ड लगाने से काम नहीं चलेगा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- घाट पर निगरानी बढ़ाई जाए
- प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए
- सुरक्षा के लिए होमगार्ड जवान तैनात किए जाएं
ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।