Latest

Twisha Sharma Case : ट्विशा शर्मा मौत मामला, हाई कोर्ट जा सकता है परिवार, शव सुरक्षित रखने को लेकर नई चुनौती

twisha case

 Twisha Sharma Case  : भोपाल।  चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नई जटिलताएं सामने आ रही हैं। जिला कोर्ट से दोबारा पोस्टमार्टम (PM-2) की अनुमति नहीं मिलने के बाद अब ट्विशा का परिवार हाई कोर्ट का रुख कर सकता है। वहीं कोर्ट के शव सुरक्षित रखने के आदेश के बाद पुलिस और फॉरेंसिक विभाग के सामने तकनीकी मुश्किलें भी खड़ी हो गई हैं।

Vidisha News today : विदिशा में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 700 मेडिकल स्टोर बंद, काले कपड़े पहनकर निकाली वाहन रैली

जिला कोर्ट से नहीं मिली राहत

ट्विशा के परिजनों ने पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए सेकेंड पोस्टमार्टम की मांग की थी। हालांकि जिला अदालत ने फिलहाल PM-2 की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अब परिवार हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर सकता है।

कोर्ट के आदेश के बाद ट्विशा का शव फिलहाल भोपाल AIIMS में -4 डिग्री तापमान पर संरक्षित रखा गया है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक 5 दिन से ज्यादा समय तक शव सुरक्षित रखने के लिए -80 डिग्री कोल्ड स्टोरेज सुविधा जरूरी होती है।

सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश में फिलहाल ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे पुलिस और फॉरेंसिक विभाग की चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पहले मृतका के पिता को शव ले जाने के लिए पत्र भी भेजा था।

Transfer Policy 2026 : एमपी में 1 से 15 जून तक तबादले, मोहन सरकार ने ट्रांसफर नीति 2026 को दी मंजूरी

गिरिबाला सिंह को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू

मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग को पत्र भेजकर गिरिबाला सिंह के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सरकार ने आयोग से पूछा है कि:

  • अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज होने पर क्या कार्रवाई की जाती है
  • जांच कर जल्द प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए

गौरतलब है कि गिरिबाला सिंह जिला कंज्यूमर फोरम में जज हैं और फिलहाल अग्रिम जमानत पर हैं।

स्वामी हर्षानंद गिरि का बयान

ट्विशा शर्मा मौत मामले को लेकर स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने भी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा: “दहेज प्रथा बेटियों की मौत का बड़ा कारण बनती जा रही है। जब बेटियां मरती हैं तो समाज चुप रहता है, लेकिन कुछ पुरुषों के खिलाफ मामले आने पर डर का माहौल बनाया जाता है।”  उन्होंने ट्विशा शर्मा, पलक और दीपिका जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि दहेज का लालच कई परिवारों की बेटियों की जान ले रहा है।

Twisha Case : ट्विशा मौत मामले में नया मोड़, राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, फरार पति पर लुक आउट नोटिस जारी

मामला लगातार सुर्खियों में

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद से मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। परिवार हत्या का आरोप लगा रहा है, जबकि पुलिस शुरुआती जांच में आत्महत्या की संभावना जता चुकी है। अब राष्ट्रीय महिला आयोग, अदालत और प्रशासनिक स्तर पर हो रही कार्रवाई के बाद मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *