हाइलाइट्स
- जनसुनवाई में किसान ने कलेक्टर को नारियल-माला दी।
- अजनई नहर निर्माण में 20 साल से मुआवजा नहीं।
- कलेक्टर बोले- मामला 30-35 साल पुराना, आपत्ति नहीं की।
Harda Public Hearing : हरदा। जिला पंचायत में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक अनोखा और भावुक मामला सामने आया। नहर निर्माण में भूमि देने के बावजूद 20 साल से मुआवजा न मिलने से परेशान किसान अशोक राजपूत कलेक्टर सिद्धार्थ जैन का ‘सम्मान’ करने के लिए नारियल और फूलों की माला लेकर पहुंचे।
कलेक्टर जनसुनवाई में मौजूद नहीं थे, जिसके बाद किसान ने नारियल और माला उनकी मेज पर रख दी। किसान ने कहा कि वह पिछले 20 साल से विभागों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। यदि सात दिनों में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वह नहर के दोनों ओर के रास्ते बंद कर देगा।
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कई बार शिकायत के बाद भी किसान को नहीं मिला मुआवजा
अशोक राजपूत के खेत में अजनई नहर का निर्माण हुआ था। उन्होंने भूमि दी, लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिला। किसान ने कहा कि वह बार-बार शिकायत कर चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनसुनवाई में कलेक्टर न होने पर वह निराश हुआ और ‘सम्मान’ के नाम पर नारियल-माला रखकर चला गया।
क्या बोले कलेक्टर साहब
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बताया कि किसान की शिकायत लगभग 30-35 साल पुरानी है। नहर के लिए भूमि अधिग्रहण के समय दावे और आपत्तियों के लिए समय दिया जाता है। किसान ने उस समय आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
यह जांच का विषय है कि अधिग्रहण कानूनी अधिकार क्षेत्र में हुआ था या नहीं। जांच प्रतिवेदन आने के बाद कानूनी और व्यावहारिक रूप से देखा जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, किसान को कुछ महीने पहले ही लगभग दो एकड़ जमीन आवंटित की गई है।