Sehore Child Labor Case : मध्य प्रदेश। सीहोर के भैरुंदा थाना क्षेत्र के सीलकंठ गांव में सड़क और नाली निर्माण कार्य में बाल श्रम का गंभीर मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता इंद्राज बरखने ने इसकी शिकायत भैरुंडा थाने में दर्ज कराई है। निर्माण स्थल पर एक नाबालिग बालिका द्वारा काम करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
एक दर्जन से अधिक नाबालिग लेबर बच्चे
शिकायतकर्ता इंद्राज बरखने ने बताया कि पंचायत द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण कार्य का ठेका राजेश पंवार को दिया गया है। आरोप है कि ठेकेदार ने बैतूल से करीब एक दर्जन से अधिक नाबालिग बच्चों को लाकर काम पर लगाया हुआ है।
ये बच्चे सुबह से शाम तक जोखिम भरे काम कर रहे हैं, जैसे कि खुदाई, ईंट-गिट्टी उठाना और भारी सामान ढोना। इससे बच्चों को गंभीर चोट लगने का खतरा बना हुआ है।
पंचायत के जिम्मेदार भी संलिप्त
शिकायतकर्ता इंद्राज बरखने ने बताया कि उन्होंने पहले पंचायत में भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पंचायत के कुछ जिम्मेदार भी इस मामले में संलिप्त हैं। थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद भी ठेकेदार पर कोई तत्काल कार्रवाई न होने पर उन्होंने श्रम विभाग को भी सूचित किया है।
क्या बोले थाना प्रभारी घनश्याम दांगी
भैरुंडा थाना प्रभारी घनश्याम दांगी ने बताया कि शिकायत मिली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। ठेकेदार और मजदूरों के दस्तावेज बुलाए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है। अगर बाल श्रम साबित हुआ तो बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ठेकेदार के खिलाफ एक्शन
श्रम विभाग के सीहोर पदाधिकारी एसएन संगोले ने जानकारी दी कि उन्होंने निरीक्षक को तुरंत मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ठेकेदार के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाल श्रम के खिलाफ प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है।