हाइलाइट्स
- सोहागपुर में सहकारी बैंक में लोकायुक्त टीम की छापामार कार्रवाई।
- बैंक प्रबंधक दिनेशचंद दुबे को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।
- धान खरीदी की हम्माली के भुगतान के ऐवज में मांगे पैसे।
MP Lokayukta Raid : नर्मदापुरम। सोहागपुर में सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक की घूसखोरी की करतूत गुरुवार शाम लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ ली। बैंक प्रबंधक दिनेशचंद दुबे उर्फ बबला दुबे को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया गया।
यह कार्रवाई आदिम जाति सहकारी समिति के प्रबंधक कैलाश कुशवाह की शिकायत पर हुई। कैलाश ने आरोप लगाया था कि प्रबंधक धान खरीदी की हम्माली और कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए प्रति लाख 10 प्रतिशत रिश्वत मांग रहा था।
20 हजार रुपये मांगी घूस
समिति शासकीय समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है। इसके लिए 2 लाख रुपये का हम्माली भुगतान होना था। प्रबंधक दुबे ने इसके बदले 20 हजार रुपये घूस मांगी।
कैलाश कुशवाह ने यह शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल दुर्गेश राठौर को की। शिकायत की जांच में सब कुछ सही पाया गया। इसके बाद ट्रैप टीम गठित की गई।
ऐसे किया लोकायुक्त टीम ने ट्रैप
गुरुवार को योजना के अनुसार लोकायुक्त DSP बीएम द्विवेदी और निरीक्षक रजनी तिवारी के नेतृत्व में टीम सोहागपुर पहुंची। कैलाश कुशवाह बैंक में गए और प्रबंधक दुबे को 20 हजार रुपये की रिश्वत दी। जैसे ही पैसे लिए, टीम ने छापा मारकर दुबे को पकड़ लिया।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। ट्रैप टीम में प्रधान आरक्षक रामदास कुर्मी, मुकेश पटेल, आरक्षक मुकेश परमार और चैतन्य प्रताप सिंह भी शामिल थे।
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पहले भी ऐसे मामले हुए उजागर
जिले में यह पहली कार्रवाई नहीं है। पिछले महीने दिसंबर में भी लोकायुक्त ने दो बड़े मामले सुलझाए थे। कृषि उप संचालक जेआर हेडाऊ को 40 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा गया था।
इसी तरह जनजातीय कार्य विभाग के क्लर्क मनोज सोनी को भी रिश्वतखोरी में धर दबोचा गया था। इन कार्रवाइयों से जिले में भ्रष्टाचार पर लगाम लगने की उम्मीद जगी है।
