हाइलाइट्स
- SIR के दौरान प्रदेश से काटे जाने वाले लाखों नाम पर सियासत।
- कांग्रेस का आरोप – वोट चोरी से बनी थी बीजेपी की सरकारें, अभी भी पर्दे के पीछे से खेल जारी।
- बीजेपी का पलटवार- राहुल की झूठी कांग्रेस, सब बोलते हैं सिर्फ और सिर्फ झूठ।
MP SIR Update : भोपाल। मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम कटने की संभावना है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में करीब 25 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। यह संख्या 5.76 करोड़ जमा फॉर्म्स, 9 लाख अधूरी जानकारी वाले फॉर्म्स, 8.5 लाख मृत मतदाताओं, 2.5 लाख दोहरे नामों और कई अधूरी जानकारी वाले मामलों से निकली है।
23 दिसंबर को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन होगा, जिसके बाद दावे-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। अंतिम वोटर लिस्ट 21 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। इस पूरे प्रक्रिया पर सियासी दलों के बीच जमकर बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस इसे वोट चोरी का मामला बता रही है, जबकि बीजेपी इसे फर्जी नामों को हटाने का अभियान कह रही है।
नाम कटने की वजह
चुनाव आयोग ने प्रदेश में SIR के तहत 5.76 करोड़ फॉर्म जमा किए गए। इनमें से 9 लाख फॉर्म में 2003 की जानकारी नहीं दी गई। 8.5 लाख मतदाताओं की मौत हो चुकी है। 2.5 लाख नाम दो जगहों पर दर्ज हैं। कई मतदाताओं ने गणना पत्रक में अधूरी जानकारी दी।
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प्रारंभिक प्रकाशन के बाद रजिस्ट्रीकरण अधिकारी जिनके नाम नहीं जुड़े, उन्हें नोटिस भेजेंगे। नोटिस पर दस्तावेज देने वाले मतदाताओं का नाम अंतिम सूची में शामिल होगा। दावे-आपत्ति की प्रक्रिया 23 दिसंबर से शुरू होगी और 14 फरवरी 2026 तक सभी मामलों का निराकरण होगा। अंतिम वोटर लिस्ट 21 फरवरी को जारी होगी।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को वोट चोरी से जोड़ा है। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि राहुल गांधी की बात सच साबित हुई। उन्होंने कहा था कि वोट चोरी हो रही है। एमपी में लाखों नाम कट रहे हैं, जो स्पष्ट करता है कि ये नाम फर्जी थे। हमें नाम कटने की पीड़ा नहीं है, बल्कि यह पीड़ा है कि ये नाम कैसे जुड़े और ये अभी तक कैसे वोट डाल रहे थे।
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चुनाव आयोग के संरक्षण में फर्जी मतदाता कैसे बने। BLO पर सरकार फर्जी नाम जुड़वाने का दबाव बना रही है। राजनीति के चलते BLO की हालत खराब है। सरकार गड़बड़ी कर रही है और लोकतंत्र की हत्या की कोशिश कर रही है।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस गजब की है। अगला चुनाव आएगा तब लड़ लेना। राहुल गांधी ने पूरी कांग्रेस को झूठ बोलना सिखा दिया।
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जो मर गए उनके नाम कैसे रखोगे। जो यहां रहते नहीं उनके नाम कैसे। जिनके पास प्रमाण पत्र नहीं उनके नाम कैसे। निर्वाचन आयोग संविधान के तहत स्वतंत्र है, ना तुम्हारी सरकार का गुलाम था ना हमारी। कांग्रेस दोनों दीन से जाएगी, ना माया मिली ना राम।
वोटरों के लिए क्या करें
जिन मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची में नहीं हैं, उन्हें 23 दिसंबर के बाद नोटिस मिलेगा। नोटिस पर दस्तावेज जमा कराएं। दावे-आपत्ति की प्रक्रिया में हिस्सा लें। अंतिम सूची 21 फरवरी 2026 को जारी होगी। अगर नाम कट गया हो तो BLO या रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से संपर्क करें। यह प्रक्रिया वोटर लिस्ट को शुद्ध बनाने के लिए है।