Harihar Nagar : भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार 13 दिसंबर 2025 को भोपाल-इंदौर हाईवे पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लिया। फंदा स्थित शासकीय महाराणा प्रताप स्कूल परिसर में आयोजित इस समारोह में सीएम ने सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार का भूमिपूजन किया। यह द्वार उज्जैन के प्रसिद्ध विक्रमादित्य द्वार की तरह ही भव्य बनाया जाएगा। साथ ही, सीएम ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब फंदा क्षेत्र को हरिहर के नाम से जाना जाएगा।
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यह कार्यक्रम भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत भोपाल में अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भी शिलान्यास किया।
इससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई ताकत मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में कई अन्य विकास कार्यों की सौगात भी दी गई।
मंच पर सीएम के साथ कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप, हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा और दक्षिण-पश्चिम विधायक भगवानदास सबनानी मौजूद रहे। विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस आयोजन की तैयारियों में अहम भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का एक हजार साल पुराना गौरवशाली इतिहास है। वे सुशासन, वीरता, साहस, पराक्रम और दानशीलता के लिए जाने जाते हैं। भोपाल में उनके नाम पर द्वार बनना प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करेगा। आगे सभी प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों के नाम से ऐसे द्वार बनाए जाएंगे।
सीएम ने फंदा का नाम हरिहर करने का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार के दो साल उपलब्धियों से भरे रहे हैं। नक्सलवाद पर लगाम लगी और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित हुए। अब तीसरे साल की शुरुआत शुभ संकल्पों के साथ हो रही है।
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मध्यप्रदेश में नाम बदलने की परंपरा जारी है। इससे पहले बैरागढ़ को संत हिरदाराम नगर, इस्लामनगर को ईश्वरपुर और हबीबगंज स्टेशन को रानी कमलापति के नाम से जाना जाने लगा। ईदगाह हिल्स को गुरुनानक टेकरी नाम देने की मांग भी उठ चुकी है। अलीराजपुर जिले का नाम आलीराजपुर किया गया, जबकि उज्जैन और देवास के कई गांवों के नाम बदले गए।