Bhopal Gas Tragedy : भोपाल। आज 3 दिसंबर 2025 को दुनिया की सबसे भयानक औद्योगिक दुर्घटना भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी है। इस मौके पर भोपाल शहर में सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। शहर के सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। हालांकि बैरसिया सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में कोई छुट्टी नहीं रहेगी और वहां सामान्य कामकाज चालू रहेगा।
आज सुबह बरकतउल्ला भवन (सेंट्रल लाइब्रेरी) में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें मध्य प्रदेश के गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह मुख्य अतिथि होंगे। अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरु अपने-अपने धर्मग्रंथों का पाठ करेंगे और गैस कांड में मारे गए हजारों लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
यह हादसा 2-3 दिसंबर 1984 की रात हुआ था। यूनियन कार्बाइड कारखाने के एक टैंक से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) नाम की खतरनाक गैस बड़ी मात्रा में बाहर निकल गई। कुछ ही घंटों में शहर के कई इलाकों में गैस फैल गई। लोग आंखें जलने और सांस की तकलीफ से तड़पने लगे। सड़कों पर भगदड़ मच गई।
हजारों लोग रात में ही मर गए। सुबह तक लाशों का ढेर लग गया था। लाशें ढोने के लिए ट्रक और गाड़ियां कम पड़ गईं। उस रात का दर्द आज भी भोपाल के लोगों के दिल में जिंदा है। कई परिवारों ने एक साथ तीन-तीन पीढ़ियां खो दीं।
मंगलवार शाम को भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुए। संभावना ट्रस्ट क्लिनिक ने मोमबत्ती रैली निकाली। वहीं भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन ने शाहजहानी पार्क से मशाल और मोमबत्ती जुलूस निकाला।
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पीड़ित संगठनों का कहना है कि 41 साल बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला। कारखाने का जहरीला कचरा आज भी वहीं पड़ा है। इसके कारण आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र में भूजल दूषित हो चुका है।
हजारों लोग कैंसर, गुर्दे की बीमारी और जन्मजात विकृति का शिकार हो रहे हैं। संगठन के संयोजक शावर खान ने कहा कि सरकार को पीड़ितों की सेहत पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और मुआवजे को पांच गुना करना चाहिए ताकि लोग सम्मानजनक जीवन जी सकें।