MP Ayurveda Medical Colleges : भोपाल। आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। आयुष मंत्रालय के तहत नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) ने सत्र 2025-26 के लिए देशभर के 565 आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दे दी है। इनमें 29 बिल्कुल नए कॉलेज भी शामिल हैं, जो इसी सत्र से छात्रों को दाखिला देंगे।
भोपाल समेत मध्य प्रदेश के 39 कॉलेज, जयपुर सहित राजस्थान के 17 और वाराणसी वाले उत्तर प्रदेश के 93 कॉलेजों को ग्रीन सिग्नल मिला है। यह मान्यता मिलने से हजारों छात्रों को आयुर्वेद की यूजी और पीजी कोर्स में एडमिशन का मौका मिलेगा।
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मान्यता प्राप्त कॉलेजों की राज्यवार डिटेल्स कुछ इस प्रकार हैं:
मध्य प्रदेश: 7 शासकीय (भोपाल सहित) और 32 निजी, कुल 39 कॉलेज।
राजस्थान: 9 शासकीय (जयपुर सहित) और 8 निजी, कुल 17 कॉलेज।
उत्तर प्रदेश: 9 शासकीय और 84 निजी, कुल 93 कॉलेज।
देशभर में कुल 565 कॉलेजों को अप्रूवल मिला है, जो आयुर्वेद शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने बताया कि इन 565 में 29 नए कॉलेज पहली बार शुरू हो रहे हैं।
इससे आयुर्वेद के प्रति युवाओं का रुझान और बढ़ेगा। यह आयुर्वेद के लिए ऐतिहासिक पल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आयुष नीति का असर दिख रहा है। अब ज्यादा से ज्यादा छात्र प्राकृतिक चिकित्सा की ओर आएंगे।”
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NCISM ने 18 कॉलेजों की मान्यता पर रोक लगा दी है। इनमें उत्तर प्रदेश के 7 और राजस्थान का 1 कॉलेज शामिल है। वजह है सुविधाओं की कमी, फैकल्टी की कमी या इंफ्रास्ट्रक्चर में खामियां। इन कॉलेजों को सुधार करने के बाद ही मान्यता मिलेगी।
AACCC काउंसलिंग की डेट बढ़ी
एडमिशन प्रक्रिया में बड़ी राहत! आयुष एडमिशन सेंट्रल काउंसलिंग कमेटी (AACCC) ने यूजी और पीजी कोर्स की कटऑफ डेट बढ़ा दी है। अब यूजी (BAMS) की कटऑफ 25 नवंबर से बढ़ाकर 1 दिसंबर 2025 कर दी गई है। वहीं पीजी कोर्स की डेट 8 दिसंबर से 22 दिसंबर तक कर दी गई है। NCISM के सचिव सच्चिदानंद प्रसाद ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है।

वर्जन
एनसीआईएसएम आयुष मंत्रालय सदैव छात्रहित की सोचता है। एएसीसीसी प्रवेश हेतु कटऑफ डेट बढ़ने से छात्रों को भी लाभ होगा तथा रिक्त सीटों पर प्रवेश हो सकेंगे। संभावना है कि आयुष मेडिकल कॉलेजों की दशा व दिशा सुधारने के लिए NCISM व NCH पर्याप्त कदम उठायेगा। जहां तक मान्यताओं की बात है तो भविष्य में NCISM व NCH को कोशिश करना चाहिये कि देशभर में प्रथम चरण की काउंसलिंग के प्रारंभ होने के पूर्व ही समस्त आयुर्वेद – आयुष कॉलेजों की मान्यता पर निर्णय जारी हो तो बेहतर है।
-डॉ राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता , आयुष मेडिकल एसोसिएशन