Ujjain News : उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में कार्तिक माह की पहली महाकाल सवारी सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को शाम 4 बजे सभामंडप से विधिवत पूजन-अर्चन के साथ निकली। भगवान श्री महाकालेश्वर ने मनमहेश रूप में पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण किया। सवारी से पहले उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह और एएसपी प्रदीप शर्मा ने सभामंडप में भगवान मनमहेश का पूजन किया। पालकी का भी पूजन हुआ।
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इस बार सवारी में पहली बार श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का बैंड शामिल रहा। बैंड ने कदमताल के साथ भक्ति भजनों की धुनें बजाईं। सवारी में पुलिस बैंड, घुड़सवार दल और सशस्त्र पुलिस बल के जवान भी शामिल थे। हजारों श्रद्धालु सवारी के स्वागत में मार्गों पर उमड़े। भक्ति का माहौल रहा।
मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची। वहां मां क्षिप्रा के जल से पूजन-अर्चन हुआ।
इसके बाद सवारी रामघाट से गणगौर दरवाजा, मोड़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होकर पुनः महाकाल मंदिर लौटी।
कार्तिक माह में निकलने वाली अगली सवारियां इस प्रकार हैं:
द्वितीय सवारी और हरिहर मिलन: 3 नवंबर 2025
तृतीय सवारी: 10 नवंबर 2025
चतुर्थ सवारी: 17 नवंबर 2025
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प्रशासक कौशिक ने कहा कि हर सवारी में भगवान महाकाल अलग-अलग रूपों में दर्शन देते हैं। हरिहर मिलन सवारी में भगवान महाकाल और भगवान हरसिद्धि का मिलन होता है, जो भक्तों के लिए विशेष होता है। सवारी मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी रही। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
महाकाल सवारी उज्जैन की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है। हर साल कार्तिक माह में ये सवारियां निकलती हैं। भक्तों में उत्साह देखते बनता है। मंदिर समिति ने ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की। सवारी के दौरान भजनों और ढोल की धुनों ने माहौल को और भक्तिमय बनाया।