मोनाली ठाकुर की आवाज और आतिशबाजी से रोशन हुआ मध्यप्रदेश, 71वें स्थापना दिवस पर CM मोहन यादव ने गिनाईं विकास की उपलब्धियां
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत हुई। मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति और आतिशबाजी ने कार्यक्रम में रंग जमाया। CM मोहन यादव ने विकास उपलब्धियां गिनाईं। दूसरे दिन 20 से अधिक लोक और जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी।

Madhya Pradesh Foundation Day: मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस का जश्न भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में धूमधाम से शुरू हुआ। रविवार को आयोजित उद्घाटन समारोह में संगीत, देशभक्ति और प्रदेश की विकास यात्रा की झलक देखने को मिली। मशहूर गायिका मोनाली ठाकुर की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में रंग जमाया, वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग, खेती, रोजगार और पर्यटन से जुड़ी उपलब्धियां साझा कीं। इस दौरान उन्होंने 15 जनवरी को भोपाल में सेना दिवस के भव्य आयोजन की घोषणा भी की।
12 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर उतरने का दावा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन याहव ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब तक करीब 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है। प्रदेश की कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक हो गई है। सरकार उद्योगों के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया गया था, जबकि 2026 किसान कल्याण वर्ष के तौर पर समर्पित है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को 490 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है। किसानों से विकास परियोजनाओं के लिए जमीन लेने पर उन्हें चार गुना राशि देने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजनाओं का जिक्र करते हुए भरोसा जताया कि मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में देश में पहले स्थान तक पहुंच सकता है। फिलहाल प्रदेश इस क्षेत्र में तीसरे स्थान पर है।
बड़ी परियोजनाओं से निवेश और रोजगार को बढ़ावा
डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में चल रही कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख किया। इनमें धार का पीएम मित्र पार्क, बीना रिफाइनरी विस्तार, केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना शामिल हैं।
इसके अलावा मोहासा-बाबई में रिन्यूएबल एनर्जी और पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन को भी प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए अहम बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन योजनाओं से नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
वंदे मातरम् की गूंज के साथ हुआ सांस्कृतिक आगाज
बता दें, समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और स्वस्ति वाचन से हुई। इसके बाद देशराग की प्रस्तुति दी गई। 71 बच्चों ने एक साथ वंदे मातरम् गाकर स्थापना दिवस के कार्यक्रम को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। मध्यप्रदेश पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान की धुन प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज और भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के विजेताओं को सम्मानित किया। इसके बाद मोनाली ठाकुर और उनके साथ आए कलाकारों ने संगीत की प्रस्तुतियां दीं। देर शाम हुई आतिशबाजी ने समारोह के माहौल को और खास बना दिया।
160 तस्वीरों में दिखाई गई भोपाल की ऐतिहासिक पहचान
स्थापना दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग की प्रदर्शनी ‘हमारा भोपाल, हमारे भोज’ का उद्घाटन किया। इसमें भोपाल के साथ रायसेन, विदिशा और आसपास के इलाकों की ऐतिहासिक धरोहरों को 160 तस्वीरों के जरिए दिखाया गया है।
प्रदर्शनी में रायसेन किला, भोजपुर का शिव मंदिर, भीमबेटका, सांची स्तूप, ताज-उल-मसाजिद, गौहर महल और रानी कमलापति महल जैसे प्रमुख स्थलों को जगह मिली है। वहीं, जनसंपर्क विभाग की विकास प्रदर्शनी में सरकारी योजनाओं और प्रदेश में हुए कामों की जानकारी दी जा रही है।
आज 20 से ज्यादा लोकनृत्यों की होगी प्रस्तुति
जानकारी के अनुसार, तीन दिवसीय राज्योत्सव के दूसरे दिन सोमवार, 2 नवंबर को शाम 6:30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसमें मध्यप्रदेश के करमा-सैला, भगोरिया, बधाई, मटकी और काठी जैसे लोकनृत्य पेश किए जाएंगे।
इसके साथ ही राजस्थान का घूमर, पंजाब का भांगड़ा, छत्तीसगढ़ का पंथी और महाराष्ट्र का लेझिम समेत 20 से अधिक पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी। इसके बाद ‘अनुगूँज – ब्रीदिंग फिएस्टा’ में वाद्ययंत्रों पर आधारित संगीत कार्यक्रम होगा।
प्रदर्शनियों और व्यंजन मेले में भी पहुंच सकेंगे लोग
राज्योत्सव के दूसरे दिन दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक विकास से जुड़ी प्रदर्शनियां आम लोगों के लिए खुली रहेंगी। यहां कृषि प्रदर्शनी, ‘विरासत से विकास’, ‘जनकल्याण एवं विकास’ और ‘राजा भोज का भोपाल’ जैसे विषयों पर जानकारी मिलेगी।
इसके अलावा स्वाद-देशज व्यंजन मेला, किसान बाजार और महिला उद्यमिता मंडप भी लोगों के आकर्षण का हिस्सा होंगे। इन आयोजनों में स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक व्यंजनों और महिला उद्यमियों के काम को देखने का अवसर मिलेगा।

