MP Weather: फिर बदला मौसम का मिजाज, 27 जिलों में बारिश का अलर्ट; 4 दिन तक आंधी-पानी के आसार
मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। रायसेन में तापमान गिरने से ठंडक बढ़ी, जबकि पांढुर्णा में मक्का खराब होने की खबर है। अगले चार दिन मौसम बदला रह सकता है।


MP Weather Update: मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों और नवंबर की शुरूआत में मौसम ने फिर करवट ले ली है। तूफान 'अर्नब' कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है, लेकिन इसके असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी है। बीते तीन दिनों से अलग-अलग जिलों में बारिस हो रही है। मौसम केंद्र भोपाल ने शनिवार को 27 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं बादल और बारिश तो कहीं धूप का असर देखने को मिल सकता है।
ग्वालियर-जबलपुर समेत इन 27 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश की संभावना जताई है।
दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर और हरदा में धूप निकलने का अनुमान है। हालांकि कुछ शहरों में बादल छाए रहने की स्थिति भी बन सकती है।
2 नवंबर तक बना रह सकता है मौसमी सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम का यही बदला हुआ मिजाज जारी रह सकता है। दक्षिणी और पूर्वी मध्य प्रदेश में सिस्टम का असर ज्यादा रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे हिस्सों में मौसम साफ रह सकता है।
38 जिलों में बारिश, अनूपपुर में तीन इंच से ज्यादा पानी
बता दें, पिछले दिनों प्रदेश के 38 जिलों के करीब 155 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, मुरैना और भिंड में भी बारिश हुई।
जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी पानी गिरा।
वहीं, अनूपपुर में तीन इंच से ज्यादा पानी दर्ज किया गया। अमरकंटक में करीब सवा दो इंच और सिंगरौली में दो इंच बारिश हुई। अनूपपुर में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
रायसेन में ठंडी हवाओं से बढ़ी सर्दी की आहट
रायसेन में लगातार तीसरे दिन मौसम का मिजाज बदला रहा। सुबह कोहरे जैसी धुंध छाई रही और ठंडी हवाएं चलती रहीं। बारिश और बादलों के कारण लोगों को इस सीजन में पहली बार सर्दी का एहसास हुआ। स्कूल जाने वाले बच्चे गर्म कपड़े पहनकर पहुंचे।
मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी दिखा। रायसेन में रात का पारा 18 डिग्री से गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि दिन का तापमान 30 डिग्री से घटकर 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार से मौसम बदलना शुरू हुआ था। गुरुवार को बारिश हुई और शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहे। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी भी हुई।
किसानों की उपज पर बारिश की मार
बारिश ने खेतों और मंडियों में रखी फसल को प्रभावित किया है। जिन इलाकों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है, वहां नुकसान की आशंका है। मंडियों में बिक्री के लिए पहुंचा अनाज भी भीग रहा है। पांढुर्णा में हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की जानकारी सामने आई है। लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इस समय कई जगह खरीफ की फसल की कटाई और उपज बेचने का काम चल रहा है।
प्रदेश में दिन का तापमान 3 डिग्री तक गिरा
आंधी और बारिश के कारण गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी कई शहरों में दिन के समय ठंडक महसूस हुई। अधिकतम तापमान में करीब दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। कुछ इलाकों में रात का तापमान भी नीचे आया है।
3 अक्टूबर को लौट चुका था मानसून, फिर क्यों हो रही बारिश?
मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून की विदाई हो गई थी। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था। इसके बावजूद सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण अक्टूबर के आखिरी दिनों में बारिश हो रही है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने जानकारी के देते हुए कहा कि अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। इस बार भी दिन में कहीं धूप तो कहीं बारिश हो रही है, जबकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रदेश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा।
जून में कम बारिश से पिछड़ा मानसून का आंकड़ा
मौसम विभाग के मुताबिक, जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से आंकड़े में सुधार आया, लेकिन बाद में मानसून दो बार कमजोर पड़ा और कई दिनों तक अच्छी बारिश नहीं हुई। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा सामान्य से करीब 4 प्रतिशत नीचे रहा।