रिटायर्ड IAS हत्याकांड के बाद सवाल: केयरटेकर एजेंसियों का पुलिस के पास रिकॉर्ड तक नहीं, बिना सत्यापन भेजे जा रहे कर्मचारी
रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या में केयरटेकर का नाम सामने आने के बाद राजधानी में बुजुर्गों की सुरक्षा और केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

Bhopal News: भोपाल के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या में केयरटेकर का नाम सामने आने के बाद राजधानी में बुजुर्गों की सुरक्षा और केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, जिस एजेंसी के जरिए अग्रवाल के घर केयरटेकर पहुंचा था, उसने भी उसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। वहीं, शहर में केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली कितनी एजेंसियां सक्रिय हैं और उनका पुलिस के पास कितना रिकॉर्ड है, इसकी भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं है।
पुलिस कमिश्नर की ओर से केयरटेकर और एजेंसियों के सत्यापन को लेकर निर्देश दिए जाने के बावजूद व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई एजेंसियां कर्मचारियों के दस्तावेज के तौर पर सिर्फ आधार कार्ड की कॉपी लेकर उन्हें बुजुर्गों के घर भेज रही हैं।
अग्रवाल के घर पहुंचा था एजेंसी के जरिए केयरटेकर
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल के मामले में सामने आया है कि केयरटेकर वरुण कुमार को बागसेवनियां स्थित वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी के माध्यम से नौकरी पर रखा गया था। आरोप है कि एजेंसी ने उसका बागसेवनियां थाने से पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था।
एजेंसी के दर्ज पते पर पहुंचने पर कार्यालय बंद मिला। वहां लगे बोर्ड पर संचालक के तौर पर अखिलेश वर्मा और आनंद वर्मा के नाम लिखे थे। बोर्ड पर BHOP260418SE1794 रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ केयरटेकर, नर्सिंग स्टाफ, बेबी केयर और फिजियोथैरेपी जैसी सेवाओं का उल्लेख था।
मकान मालिक के अनुसार, एजेंसी का रेंट एग्रीमेंट 30 सितंबर तक था। संचालक काम ठीक नहीं चलने के कारण एजेंसी बंद करने की बात कहता था। घटना के बाद एजेंसी से जुड़े स्टाफ के भी वहां से चले जाने की जानकारी सामने आई है।
5 हजार वर्गफीट से ज्यादा के घर में CCTV नहीं
राकेश अग्रवाल का घर 5 हजार वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में बताया जा रहा है, लेकिन घर में एक भी CCTV कैमरा नहीं था। घर के पिछले हिस्से में बने सर्वेंट क्वार्टर में केयरटेकर वरुण और कुक अमर का परिवार रहता था। आसपास के क्षेत्र में अधिकांश जगह खाली प्लॉट हैं।
पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घर में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और घटना के दौरान घर में मौजूद लोगों की भूमिका क्या थी।
पहले भी सामने आ चुके हैं बुजुर्गों पर हमले के मामले
25 सितंबर 2026, अवधपुरी: 71 वर्षीय मोहन चौधरी पर घर में हथौड़े से हमला करने का मामला सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, केयरटेकर समीक्षा ने अपने प्रेमी और एक अन्य साथी के साथ मिलकर लूट की साजिश रची थी। मामले में समीक्षा को गिरफ्तार किया गया।
27 जून 2026, ऐशबाग: 64 वर्षीय हेमंत बारिक और 62 वर्षीय शकुंतला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी श्रीकांत चिचलिया दंपती को करीब दो साल से जानता था और संपत्ति के लेन-देन में उनकी मदद करता था।
अप्रैल 2025, हबीबगंज-अरेरा कॉलोनी: 99 वर्षीय पूर्व DGP एचएम जोशी पर उनके केयरटेकर शेख रफीक द्वारा कथित तौर पर गला दबाकर नकदी मांगने का मामला सामने आया था। बाद में नकदी और गणेश प्रतिमा चोरी का मामला भी दर्ज हुआ था।
एजेंसियों के सत्यापन को लेकर पुलिस कराएगी डेटा की जांच
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि शहर में केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली कितनी एजेंसियां काम कर रही हैं, उनका डेटा चेक कराया जाएगा। पुलिस के पास अब तक इन एजेंसियों का कितना रिकॉर्ड उपलब्ध है, इसकी भी जांच की जाएगी।
