अग्निवीरों के पहले बैच की 4 साल की सेवा पूरी, 18,300 जवानों की होगी विदाई; जानिए किन राज्यों में मिलेगी नौकरी ?
अग्निपथ योजना के पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद दिसंबर के अंत तक सैन्य सेवा से बाहर हो सकते हैं। हरियाणा, महाराष्ट्र, असम और गुजरात ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस व अन्य सरकारी सेवाओं में अवसर देने के लिए अलग-अलग योजनाओं की घोषणा की है।

Agniveer First Batch Exit: अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए पहले बैच के हजारों अग्निवीर अब चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नए करियर की ओर बढ़ने वाले हैं। करीब 18,300 अग्निवीर दिसंबर के अंत तक थल सेना, नौसेना और वायुसेना से बाहर हो सकते हैं। ऐसे में उनके सामने रोजगार की नई चुनौती होगी। दूसरी ओर, कुछ राज्य सरकारों ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस और दूसरी सरकारी सेवाओं में अवसर देने की तैयारी की है।
तीनों सेनाओं से करीब 18,300 अग्निवीर होंगे बाहर
रिपोर्ट के अनुसार, पहले बैच में तीनों सेनाओं में कुल 24,400 अग्निवीरों की भर्ती हुई थी। इनमें थल सेना के करीब 19,000, वायुसेना के 2,850 और नौसेना के 2,550 जवान शामिल हैं। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद इनमें से लगभग 75 प्रतिशत, यानी करीब 18,300 अग्निवीर सैन्य सेवा से बाहर होंगे। यह अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के लिए एक अहम पड़ाव है। सेवा पूरी करने वाले जवानों को अब नौकरी, कौशल और आगे के करियर की दिशा तय करनी होगी।
हरियाणा में नौकरी देने की तैयारी
हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को रोजगार देने की तैयारी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बयान के मुताबिक, राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अग्निवीरों के पहुंचने पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। सरकार की इस पहल से उन जवानों को मदद मिलने की उम्मीद है, जो सेना में अपनी निर्धारित सेवा पूरी करने के बाद राज्य की सरकारी सेवाओं में अवसर तलाश रहे हैं।
महाराष्ट्र, असम और गुजरात में भी अवसर
बता दें, पूर्व अग्निवीरों को रोजगार देने की पहल केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र, असम और गुजरात में भी पुलिस तथा अन्य सरकारी पदों पर उन्हें अवसर देने से जुड़ी घोषणाएं की गई हैं।
- महाराष्ट्र: राज्य सरकार ने प्रदेश के 282 नौसेना अग्निवीरों को पुलिस सेवा में शामिल करने के लिए नियुक्ति पत्र जारी करने से जुड़ा कदम उठाने की घोषणा की है।
- असम: राज्य कैबिनेट ने स्थानीय निवासियों में से सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों के लिए कॉन्स्टेबल और समान स्तर के पदों पर 12 प्रतिशत आरक्षण का फैसला किया है।
- गुजरात: राज्य सरकार की ओर से पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने की घोषणा की गई है।
क्या है अग्निपथ योजना?
केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में जवानों की भर्ती चार साल की अवधि के लिए की जाती है। भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा सामान्य रूप से साढ़े 17 से 21 वर्ष है, हालांकि शुरुआती भर्ती में विशेष छूट दी गई थी।
चार साल पूरे होने पर प्रदर्शन और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में आगे सेवा का अवसर मिल सकता है। बाकी जवान सैन्य सेवा से बाहर होकर नागरिक जीवन में अपना करियर आगे बढ़ाते हैं।
फिलहाल, पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की कुछ भर्तियों में आरक्षण या प्राथमिकता के प्रावधान घोषित किए गए हैं। इनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राज्य पुलिस और अन्य सरकारी सेवाएं शामिल हो सकती हैं। पात्रता संबंधित भर्ती के नियमों पर निर्भर करेगी।