Sehore water crisis : सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या गहराती जा रही है। इसी के विरोध में मंगलवार को 12 गांवों की महिलाएं सिर पर खाली बर्तन रखकर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जनसुनवाई में अपनी समस्या उठाई।
प्रदर्शन के दौरान महिला की तबीयत बिगड़ी
कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचने के दौरान तेज धूप और प्यास के कारण एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद अन्य महिलाओं और लोगों ने तुरंत उसे संभाला।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गांवों में पानी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने नए बोर उत्खनन पर नियंत्रण और जल संकट से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग रखी।
स्थायी जल योजनाओं की मांग
महिलाओं ने भीषण गर्मी को देखते हुए वैकल्पिक साधनों से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही पाइपलाइन और अन्य स्थायी जल योजनाओं को जल्द लागू करने पर जोर दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में गहराया जल संकट
जिले के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते तापमान के कारण कुएं और हैंडपंप सूखते जा रहे हैं। ऐसे में दूर-दराज से पानी लाना महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगी। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।