हाइलाइट्स
- कॉपी-किताबों की मोनोपोली पर इंदौर प्रशासन का बड़ा एक्शन
- स्कूल और स्टेशनरी संचालक के खिलाफ FIR दर्ज
- पालकों को महंगी किताबें खरीदने के लिए किया जा रहा था मजबूर
- शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 0731-2431117 जारी
Indore School Monopoly : इंदौर। इंदौर में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मनमानी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा के नेतृत्व में प्रशासन ने कॉपी-किताबों की मोनोपोली के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संबंधित स्कूल और स्टेशनरी संचालकों पर एफआईआर दर्ज की है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही अभिभावकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उन्हें तय दुकानों से ही महंगी किताबें और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
पालकों पर बनाया जा रहा था आर्थिक दबाव
जांच के दौरान सामने आया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को एक ही दुकान से किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा था। कई मामलों में बाजार की तुलना में अधिक कीमत वसूली जा रही थी, जिससे पालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था।
प्रशासन को मिली शिकायतों में यह भी कहा गया कि अगर अभिभावक तय दुकान से सामान नहीं खरीदते, तो बच्चों को अप्रत्यक्ष रूप से परेशान किया जाता है या दबाव बनाया जाता है।
इन संस्थानों पर दर्ज हुई FIR
इस पूरे मामले में श्री साईं एकेडमी स्कूल और विद्या श्री स्टेशनरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई इंदौर के महू क्षेत्र में की गई, जहां इस तरह की शिकायतें सबसे ज्यादा सामने आई थीं।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्कूल या दुकानदार को अभिभावकों पर जबरन खरीदारी थोपने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कलेक्टर के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी
जिला प्रशासन पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी कर चुका था कि स्कूल किसी विशेष दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए मोनोपोली बनाए रखने की कोशिश की जा रही थी, जिस पर अब सख्त कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर ने संकेत दिए हैं कि आगे भी ऐसे मामलों में लगातार जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।
अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन जारी
अभिभावकों की समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 0731-2431117 जारी किया है। इस नंबर पर पालक किताबों, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म या फीस से जुड़ी किसी भी तरह की मनमानी की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बिना डर के अपनी शिकायतें दर्ज कराएं, ताकि ऐसी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की कोशिश
यह कार्रवाई सिर्फ एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाया जाए और स्कूलों में मनमानी पर रोक लगाई जाए।