हाइलाइट्स
- वंदे मातरम् विवाद पर इंदौर में सियासी घमासान
- रूबीना इकबाल के बयान से कांग्रेस असहज
- निष्कासन की मांग के बावजूद कार्रवाई लंबित
- जीतू पटवारी बोले “बताने के लिए बाध्य नहीं”
Vande Mataram Controversy update : इंदौर। इंदौर नगर निगम में बजट चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रूबीना इकबाल द्वारा ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करने के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
रूबीना के बयान से बढ़ा विवाद
मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब रूबीना इकबाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी केवल मुस्लिम वोट के लिए काम करती है और ऐसे मौकों पर अपने प्रतिनिधियों से दूरी बना लेती है।
कार्रवाई पर कांग्रेस की चुप्पी
घटना के बाद कांग्रेस संगठन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखकर रूबीना के निष्कासन की मांग की है, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
जब इस मुद्दे पर जीतू पटवारी से भोपाल में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि
“कांग्रेस और देश के संविधान में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का महत्व स्पष्ट है, हमें किसी से प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।”
जब उनसे पूछा गया कि कार्रवाई कब होगी, तो उन्होंने साफ कहा “मैं यह बताने के लिए बाध्य नहीं हूं।”
अल्पसंख्यकों और राष्ट्रगीत पर दी सफाई
जीतू पटवारी ने कहा कि देश में अल्पसंख्यक समुदाय के कई राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और राज्यपाल रहे हैं, जो हर अवसर पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि इसके सम्मान को लेकर किसी को कोई आपत्ति नहीं है।
संगठन प्रभारी ने बयान को बताया अक्षम्य
कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने रूबीना के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे “अक्षम्य” बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के जनप्रतिनिधियों द्वारा इस तरह की भाषा का उपयोग करना पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतने अनुभवी पार्षदों द्वारा अचानक इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया और क्या इसके पीछे कोई सुनियोजित कारण था।
निष्कासन की मांग, निर्णय बाकी
संगठन स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा भेजे गए पत्र में रूबीना के निष्कासन की मांग की गई है। अब इस पर अंतिम निर्णय प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद लिया जाएगा।
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, इंदौर नगर निगम में बजट सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाने को लेकर विवाद हुआ। पार्षदों ने इसे गाने से इनकार करते हुए संबंधित नियम दिखाने की मांग की। इसके बाद मीडिया में दिए गए बयानों ने पूरे मामले को और अधिक तूल दे दिया।