हाइलाइट्स
- विदिशा में खेतों की आग पर बड़ा खुलासा
- शॉर्ट सर्किट नहीं, नरवाई जलाने से फैली आग
- बिजली कंपनी की जांच में लाइन-फीडर सुरक्षित पाए गए
- नजफगढ़ में अवैध जंपरिंग से निकली चिंगारी
- प्रशासन ने नरवाई जलाने पर पहले से लगाया है प्रतिबंध
Vidisha News : विदिशा। विदिशा जिले में खेतों में लगी आग की घटनाओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक आरोपों के विपरीत, जांच में पाया गया कि ये आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से नहीं, बल्कि नरवाई जलाने के कारण फैली थीं।
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बिजली कंपनी की तकनीकी जांच में साफ हुई स्थिति
मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों ने विभिन्न गांवों में मौके पर निरीक्षण और तकनीकी जांच की। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि आगजनी की घटनाएं बिजली लाइन या फीडर से जुड़ी नहीं थीं।
बरखेड़ी गंभीर में फीडर था बंद
ग्राम बरखेड़ी गंभीर में आग लगने की घटना के दौरान 11 केवी ड्रेनिया पंप फीडर बंद था और विद्युत प्रवाह नहीं हो रहा था। ऐसे में शॉर्ट सर्किट की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई।
सपली में भी नहीं मिले शॉर्ट सर्किट के संकेत
ग्राम सपली में गेहूं की फसल में लगी आग के मामले में भी लाइन में किसी प्रकार की ट्रिपिंग, फॉल्ट या तार टूटने के प्रमाण नहीं मिले। अधिकारियों के अनुसार, शॉर्ट सर्किट होने पर ऐसे तकनीकी संकेत जरूर मिलते।
नजफगढ़ में अवैध जंपरिंग से लगी आग
पठारी तहसील के ग्राम नजफगढ़ में अलग स्थिति सामने आई। यहां 11 केवी भालामोरा पंप फीडर शटडाउन पर था, लेकिन अवैध क्रॉस जंपरिंग के कारण तारों के संपर्क से चिंगारी निकली, जिससे नरवाई में आग लग गई।
प्रशासन ने पहले ही लगाया है प्रतिबंध
जिले में नरवाई जलाने पर पहले से प्रतिबंध लागू है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
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किसानों से अपील और चेतावनी
बिजली कंपनी ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और बिना जांच के बिजली विभाग को दोषी न ठहराएं। साथ ही अवैध रूप से बिजली लाइनों से छेड़छाड़ न करने की भी चेतावनी दी गई है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।