Latest

Rajgarh Newborn Baby : झाड़ियों में मिला नवजात… बना मिसाल, 60 दिन बाद पूरी तरह स्वस्थ

Rajgarh Newborn Baby

हाईलाइट्स

  • झाड़ियों में लावारिस मिला था नवजात
  • 60 दिन एसएनसीयू में चला इलाज, अब पूरी तरह स्वस्थ
  • बाल कल्याण समिति को सौंपा गया बच्चा
  • माता-पिता की तलाश, नहीं मिलने पर दत्तक प्रक्रिया होगी

 

Rajgarh Newborn Baby : राजगढ़।   राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के बरुखेड़ी में लगभग दो महीने पहले झाड़ियों के बीच लावारिस हालत में मिला नवजात अब पूरी तरह स्वस्थ हो गया है। उस समय स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे थे और बच्चे को तुरंत सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाया गया था।

60 दिन तक चला इलाज, डॉक्टरों ने बचाई जान

नवजात को अस्पताल के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में लगातार 60 दिनों तक उसका उपचार किया गया। चिकित्सकों की मेहनत और देखरेख के चलते अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है।

MP Board Result : रिजल्ट के पहले हनुमान जी से अर्जी अच्छे नंबरों के लिए मन्नतों की चढ़ाईं पर्चियां

बाल कल्याण समिति को सौंपा गया

शनिवार को एसएनसीयू प्रभारी डॉ. आर.एस. माथुर ने नवजात को औपचारिक रूप से बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष साकेत शर्मा को सौंपा। इसके बाद बच्चे को उसके बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए राजगढ़ के गोपाल महिला मंडल द्वारा संचालित शिशुगृह में भेज दिया गया, जहां उसे संस्थागत आश्रय मिलेगा।

माता-पिता की तलाश शुरू

बाल कल्याण समिति ने बच्चे के माता-पिता की तलाश के लिए नियमानुसार प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक बच्चे के माता-पिता का पता नहीं चलता है, तो कानून के प्रावधानों के तहत उसे दत्तक ग्रहण के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

RSS Meeting updates : शारदा विहार में आरएसएस की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक, संघ-संगठन-सत्ता का संगम

दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी

समिति के अनुसार, ऐसे मामलों में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की जाती है। यदि बच्चा कानूनी रूप से मुक्त घोषित होता है, तो इच्छुक दंपतियों को उसे गोद लेने का अवसर दिया जाएगा।

डॉक्टरों और स्टाफ का किया आभार

इस मौके पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और एसएनसीयू टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का कोई नहीं होता, उनकी जिम्मेदारी समाज और प्रशासन की होती है, और सभी मिलकर ऐसे बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए काम कर रहे हैं।

Eklavya ITI Kosmi : बैतूल में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा, ITI में निर्माण कार्यों के लिए 14.11 करोड़ की मंजूरी

समिति बच्चों के हित में प्रतिबद्ध

इस दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य रिंकू सुनेरी, सुरेश चंद्रवंशी, निलेश मालवीय और सलमा अंसारी सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने बच्चों के सर्वोत्तम हित में कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही शिशुगृह का स्टाफ और अस्पताल के कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *