हाइलाइट्स
- स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सांवरलाल गौड़ का निधन, उम्र 98 साल
- अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ
- अनुशासित जीवन: योग, ध्यान और नियमित पैदल चलना
- धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय, नाहरदा हनुमान मंदिर समिति से जुड़े
Rajgarh news : राजगढ़। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सांवरलाल गौड़ का गुरुवार सुबह 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे सुबह लगभग 7 बजे खाती कुंडी स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली।
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परिजनों ने बताया कि उनकी अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निवास से शुरू होकर खिलचीपुर श्मशान घाट पहुंचेगी, जहाँ राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
अंतिम संस्कार के दौरान एसडीएम अंकिता जैन, एसडीओपी धर्मराज नागर और टीआई उमाशंकर मुकाती सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और तिरंगे में लपेटकर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
परिवार और मुखाग्नि
सांवरलाल गौड़ के परिवार में दो बेटे – महेंद्र गौड़ (शिक्षक) और मुकेश गौड़, तथा दो बेटियां – अनीता और सोना हैं। बड़े बेटे महेंद्र गौड़ अंतिम संस्कार में मुखाग्नि देंगे।
अनुशासित और स्वस्थ जीवन
परिवार ने बताया कि सांवरलाल गौड़ ने 98 साल तक अनुशासित जीवन जिया। वे प्रतिदिन सुबह 4 बजे उठकर योग और ध्यान करते थे और नियमित पैदल चलना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। इसी कारण वे 98 वर्ष की आयु तक स्वस्थ रहे और किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं थे।
करीब दो महीने पहले सीढ़ियों से उतरते समय उनका पैर फिसल गया था, जिससे हड्डी टूट गई और तब से उनकी तबीयत धीरे-धीरे बिगड़ती गई।
धार्मिक और सामाजिक योगदान
सांवरलाल गौड़ नाहरदा हनुमान मंदिर समिति से जुड़े थे और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के नाते प्रशासन द्वारा उन्हें हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी पर सम्मानित किया जाता था। क्षेत्र में उन्हें सादगीपूर्ण और अनुशासित व्यक्तित्व के रूप में याद किया जाएगा।
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