हाइलाइट्स
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रायसेन में सिलेंडर नहीं मिलने पर सैकड़ों लोगों ने चक्काजाम किया।
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भोपाल गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC ) में हॉस्टल मेस और कैंटीन की रसोई 50% प्रभावित।
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डॉक्टरों ने चेतावनी दी- खाली पेट ड्यूटी का खतरा, स्वास्थ्य सेवाओं पर असर।
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प्रशासन ने ट्रक पंक्चर बताया, सप्लाई जल्द बहाल करने का आश्वासन।
MP LPG Crisis 2026 : मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश में एलपीजी संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के 50,000 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट पिछले पांच दिनों से कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं पा रहे हैं।
कई जगह सिर्फ 24 घंटे का स्टॉक बचा है, जिससे प्रदेश की खान-पान व्यवस्था ठप होने के कगार पर है। लोग वैकल्पिक तौर पर इंडक्शन और डीजल भट्ठियों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन घरेलू रसोई और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ रहा है।
रायसेन में चक्काजाम
रायसेन के सागर रोड गैस एजेंसी पर सुबह 5 बजे से कतार में लगे सैकड़ों लोग जब 10 बजे तक सिलेंडर नहीं पाए, तो उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। एक महिला ने बताया,
“घर में न चाय बनी, न खाना, बच्चों के लिए कुछ नहीं। खाली सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रहे हैं।”
प्रशासन ने एसडीएम और तहसीलदार भेजकर स्थिति को नियंत्रण में किया। चक्काजाम के कारण सागर रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
भोपाल में गैस संकट
भोपाल के दशहरा मैदान और गांधी मेडिकल कॉलेज (Gandhi Medical College) में भी सिलेंडर की भारी कमी है। GMC के 16 हॉस्टल मेस और कैंटीन में खाना बनाने का प्रोडक्शन 50% तक गिर गया।
रेजिडेंट डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई, तो उन्हें खाली पेट ड्यूटी करनी पड़ेगी, जिससे मरीजों की सेवाओं पर असर पड़ेगा।
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एजेंसी संचालक और प्रशासन की सफाई
गैस एजेंसी संचालक ने बताया कि भोपाल से आ रहा सिलेंडर ट्रक रास्ते में पंक्चर हो गया था, जिसके कारण देरी हुई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि ट्रक पहुंचते ही डिस्ट्रिब्यूशन शुरू कर दिया जाएगा।
जनता और कारोबार प्रभावित
जबलपुर में होम डिलीवरी ठप है, और गैस एजेंसियों पर पुरुष और महिलाओं की भारी भीड़ लगी है। कई उपभोक्ता घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं।
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संकट के कारण प्रदेश में रेस्टोरेंट, हॉस्टल और मेडिकल कैंटीन की रसोई पर गंभीर असर पड़ रहा है। लोगों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्थिति बेहद गंभीर है।