Latest

Mahakal Temple VIP Darshan : महाकाल मंदिर में VIP दर्शन याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज! गर्भगृह में किसे एंट्री, अब कलेक्टर करेंगे तय

Mahakal Temple VIP Darshan

Mahakal Temple VIP Darshan : मध्य प्रदेश। उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में नेताओं और VIP को प्रवेश देने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इंदौर हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रहेगा, जिसमें उज्जैन कलेक्टर को यह अधिकार दिया गया था कि वे तय करें कि कौन VIP है और कौन नहीं।

Bhopal Beef Case : कांग्रेस ने RSS कार्यालय घेराव का प्लान बनाया, पुलिस ने बिट्टन चौराहे पर रोका – ढोल-नगाड़े के साथ हंगामा!

SC ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने को कहा

याचिका में इंदौर के अधिवक्ता चर्चित शास्त्री और दर्पण अवस्थी ने दावा किया था कि देशभर से लाखों श्रद्धालु महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें गर्भगृह के बाहर से ही दर्शन करने पड़ते हैं, जबकि नेता और प्रभावशाली लोग आसानी से गर्भगृह में प्रवेश कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने को कहा।

BJP Aldermen : निकाय चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीति, सैकड़ों कार्यकर्ताओं को एल्डरमैन बनाने की लिस्ट तैयार

उज्जैन कलेक्टर के पास है अधिकार

करीब छह महीने पहले इंदौर हाईकोर्ट ने सुनवाई में स्पष्ट किया था कि गर्भगृह में किसे प्रवेश मिलेगा, यह तय करने का अधिकार उज्जैन कलेक्टर के पास है। अदालत ने कहा कि यदि कलेक्टर किसी विशेष दिन किसी व्यक्ति को अनुमति देते हैं, तो उसे VIP माना जाएगा।

क्यों किया था गर्भगृह में प्रवेश निषेध

4 जुलाई 2023 को सावन महीने में भारी भीड़ को देखते हुए महाकालेश्वर मंदिर का गर्भगृह 11 सितंबर 2023 तक बंद कर दिया गया था। मंदिर समिति ने कहा था कि सावन माह के समाप्त होते ही गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा लेकिन इसके बाद गर्भगृह खुला नहीं है।

MP Bank Strike : MP में बैंकिंग व्यवस्था ठप ! 40 हजार कर्मचारी सड़कों पर, वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

महाकाल लोक बनने से पहले मंदिर में रोजाना 20 से 30 हजार श्रद्धालु आते थे। अक्टूबर 2022 में महाकाल लोक बनने के बाद भक्तों की संख्या चार गुना बढ़कर डेढ़ से दो लाख तक पहुंच गई।

1,500 रुपए में गर्भगृह में पूजा-अर्चना

4 जुलाई 2023 से पहले श्रद्धालुओं को 1,500 रुपए की रसीद काटकर गर्भगृह में अभिषेक और पूजा-अर्चना करने की अनुमति मिलती थी। वर्तमान में गणेश मंडप, कार्तिकेय मंडप और नंदी हॉल से दर्शन करवाए जा रहे हैं, लेकिन आम श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं।

MP Politics : एमपी कांग्रेस को दिल्ली से फटकार, आलाकमान ने जीतू पटवारी को दिया अल्टीमेटम

अनिल फिरोजिया ने की थी मांग

उज्जैन के मौजूदा सांसद अनिल फिरोजिया ने भी गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए खोलने की मांग की थी। उन्होंने पत्र जारी किया और सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री मोहन यादव से इस पर कदम उठाने का अनुरोध किया। दो हफ्ते पहले उज्जैन के महापौर ने भी दर्शन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह से दर्शन दिलाने की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गर्भगृह में VIP प्रवेश का विवाद फिलहाल खत्म हो गया है। अब उज्जैन कलेक्टर ही तय करेंगे कि किसे प्रवेश मिलेगा। आम श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश की मांग पर अब भी चर्चा जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *