Indore Collector Controversy : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इंदौर कलेक्टर के RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) प्रांत कार्यालय ‘सुदर्शन’ जाने पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता और मीडिया विभाग के पूर्व अध्यक्ष केके मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया है कि कलेक्टर ने पद की गरिमा गिराई है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर इंदौर किस हैसियत से संघ कार्यालय गए? कांग्रेस इस मामले की शिकायत DOPT (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) में करेगी।
केके मिश्रा की पोस्ट में क्या
केके मिश्रा ने पोस्ट में लिखा कि भागीरथपुरा प्रकरण में नगर निगम अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद ‘भयभीत कलेक्टर’ ने संघ कार्यालय में ‘आत्मसमर्पण’ किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कलेक्टर को अभयदान क्यों मिला हुआ है? सरकार की कार्रवाई संदेहास्पद है। कलेक्टर को भी आरोपित की श्रेणी में रखकर उचित कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेता मिश्रा ने बताया कि शाम 6 बजे कलेक्टर और महापौर संघ के प्रांत कार्यालय पहुंचे थे। संघ के प्रांत प्रचारक राजमोहन से डेढ़ घंटे की बैठक हुई। उन्होंने पूछा कि क्या राजमोहन मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव हैं? बैठक का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।
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कलेक्टर पर कोई एक्शन क्यों नहीं?
यह विवाद इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद और गहराया है। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई हुई, लेकिन तत्कालीन निगमायुक्त और मौजूदा कलेक्टर पर कोई एक्शन क्यों नहीं? मिश्रा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी टैग कर सवाल उठाए।
*कलेक्टर, इंदौर क्यों और किस हैसियत से गए संघ कार्यालय*…..❗️
♦️ “*कांग्रेस कलेक्टर की करेगी DOPT में शिकायत, भागीरथपुरा प्रकरण में निगमायुक्त के ट्रांसफ़र, उपायुक्त के निलंबन व अन्य अधिकारियों पर हुई कार्यवाही के बाद “भयभीत कलेक्टर” ने किया इस विषयक “*राजनैतिक अपराधियों*” के… pic.twitter.com/6sWwXkxP6o
— KK Mishra (@KKMishraINC) January 7, 2026
इधर, कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जा रहा है। अन्य नेता जैसे श्रीनिवास बीवी ने भी पोस्ट कर सवाल किया कि कलेक्टर और महापौर संघ ऑफिस में मीटिंग क्यों कर रहे हैं? संघ कार्यालय में किस हैसियत से? यह घटना 7 जनवरी 2026 को हुई, जब कलेक्टर और महापौर संघ प्रचारक से मिले।
DOPT से शिकायत की धमकी
कांग्रेस का आरोप है कि संघ जैसे संगठन के दबाव में प्रशासन काम कर रहा है। मिश्रा ने DOPT से शिकायत की धमकी दी है। वहीं, कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अपंजीकृत संगठन कलेक्टर को कैसे बुला सकता है। IAS एसोसिएशन से भी इस पर ध्यान देने की मांग की जा रही है।
यह विवाद मध्य प्रदेश की राजनीति को गर्मा रहा है। कांग्रेस इसे भाजपा और RSS के करीबी संबंधों से जोड़ रही है। सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इंदौर कलेक्टर ने भी इस पर चुप्पी साध रखी है।